केंद्र और राज्य दोनों जगह रोजगार के वादे को भाजपा ने पूरा नहीं किया
रायपुर। कांग्रेस ने भाजपा को मूलतः रोजगार विरोधी होने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा ने चुनाव दर चुनाव युवाओं से रोजगार देने का वादा किया लेकिन सरकार में आने के बाद भाजपा अपने वादे को भूल गई , 2014के लोकसभा सभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया लेकिन तीन बार सरकार में आने और 11साल से अधिक सरकार चलाते हुए हो गए अब कोई भी भाजपा का नेता इस वादे पर बात भी नहीं करना चाहता यदि अपना वादा मोदी निभाते तो अभी तक 23करोड़ युवाओं के लिए रोजगार देने का कार्यक्रम बना चुके होते ।
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा इसी प्रकार 2023के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में भाजपा ने पांच साल में 1लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था इस हिसाब से हर वर्ष 20हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना था दो सालों में 40हजार युवाओं को नौकरी मिलना था लेकिन इन दो वर्षों में भाजपा सरकार ने दो हजार युवाओं को भी नौकरी नहीं दे पाई।भाजपा के लिए रोजगार के वादे केवल चुनावी जुमला है ।
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि केवल सरकारी नौकरी ही नहीं, प्राइवेट सेक्टर में भी छटनी लगातार जारी है। एक तरफ मोदी सरकार की पूंजीवादी नीतियों के चलते कॉरपोरेट का मुनाफा शिखर पर है लेकिन बड़ी कंपनियों में व्हाइट कॉलर रोजगार बढ़ने के बजाय लगातार घट रहा है। पिछले पांच वर्षों में यह संख्या आधी रह गई है, 11 साल पहले की तुलना में चौथाई के स्तर तक पहुंच गया है। कुल बेरोजगारों की संख्या में से दो तिहाई, शिक्षित युवा हैं। वर्षों की मेहनत और लाखों रुपए खर्च कर स्नातक की डिग्री लेने वाले युवाओं का सपना भाजपा की सरकारों ने चकनाचूर कर दिया है।
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के बजट में लगातार कटौती जारी है, छत्तीसगढ़ के लगभग 70 प्रतिशत गांव में मनरेगा अघोषित तौर पर बंद है, मजदूर शोषण के शिकार हैं, न उनके पास कोई काम है न इनकम, ऊपर से महंगाई बेलगाम। यही वजह है कि घरेलू बचत ऐतिहासिक तौर पर न्यूनतम और कर्ज उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना भी जमुला निकला भारत के सिर्फ 500 फर्मों में एक करोड़ इंटर्नशिप प्रदान करने का दावा था, लेकिन हकीकत यह है कि आवेदन करने वालों में से 5 प्रतिशत युवाओं को भी इंटर्नशिप नहीं मिल पा रहा है। बेरोजगारी दर के वास्तविक आंकड़े छुपाए जा रहे हैं, इस सरकार में सप्ताह में एक घंटा काम करने को भी रोजगार माना जा रहा है, बावजूद इसके बेरोजगारी आज ऐतिहासिक तौर पर शिखर पर है।




