सण्डी चूनापत्थर खदान प्रोजेक्ट (श्री सीमेंट परियोजना) खैरागढ़ छुईखदान-गंडई जिले को लेकर कंपनी प्रबंधन ने जिला प्रशासन के साथ सोमवार की देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा

(यतेंद्र जीत सिंह “छोटू”)खैरागढ़ : चूना पत्थर खदान प्रोजेक्ट खैरागढ़ -छुईखदान-गंडई को लेकर कंपनी प्रबंधन ने जिला प्रशासन के साथ देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा।। श्री सीमेंट प्रबंधन की ओर से मुख्य कार्यकारी कॉर्पोरेट अफेयर ईस्ट जोन रवि तिवारी, यूनिट हेड बलौदा बाजार हुकुमचंद गुप्ता, कंपनी के छत्तीसगढ़ कॉरपोरेट हेड प्रमोद द्विवेदी, स्थानीय प्रबंधक संजय सिंह, भूमि अधिकारी विजय अनंत, भूमि प्रबंधक उमेश बघमार, पर्यावरण प्रबंधक मनोज सुतार, चार्टर्ड अकाउंटेंट अंशुल बेगानी की मौजूदगी में कॉन्फ्रेंस में बताया गया,कि प्रस्तुत ड्राफ्ट के अनुसार कुल 404 हेक्टेयर क्षेत्र को खनन के लिए प्रस्तावित किया गया है।।

जिसमें मुख्य रूप से ग्राम सण्डी, विचारपुर, पंडरिया, बुंदेली और भरदागोंड गांव शामिल हैं।। परियोजना को लेकर कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि तिवारी ने बताया कि आर्थिक रूप से प्रभावित होने वाले क्षेत्र सीमित हैं और इसका असर सिर्फ 5 ग्रामों पर पड़ेगा।। रोजगार एवं कौशल विकास परियोजना के अनुसार स्थानीय ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।। अनुमानित 1200-1500 प्रत्यक्ष और तकरीबन 10 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे व स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण, कंप्यूटर, स्वास्थ्य, सुरक्षा और मशीन संचालन संबंधी कोर्स संचालित किए जाएंगे।। सड़क व यातायात सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा तथा कंपनी द्वारा खदान क्षेत्र से संयंत्र तक लाइमस्टोन परिवहन के लिए कन्वेयर बेल्ट सिस्टम का उपयोग होगा ।। जिससे ट्रकों की आवाजाही कम होगी।।गांवों में नई सड़कों के निर्माण और पुरानी सड़कों के सुधार का प्रस्ताव भी ड्राफ्ट में शामिल है।। रवि तिवारी ने बताया कि धूल नियंत्रण के लिये हॉट मिक्स सड़कें तथा नियमित पानी छिड़काव व्यवस्था की जायेगी।। पर्यावरण एवं हरित क्षेत्र विस्तार को लेकर भी अहम कार्य होंगे,जिसके तहत वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए वेट ड्रिलिंग, धूल दमन यंत्र, फॉग कनन तथा सड़क किनारों पर रोजाना सफाई-छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित होगी।। परियोजना के अंतर्गत विस्तृत हरित क्षेत्र विकास योजना के तहत नीम, सागौन, पलाश, शिशु, आम आदि पौधों का विशेष रूप से रोपण करने का प्रस्ताव है।।

जल संरक्षण और सामाजिक विकास
ड्राफ्ट में वॉटर हार्वेस्टिंग, वर्षा जल संचयन, नालों के संरक्षण और जल पुनर्भरण कार्य करने का उल्लेख है।।कंपनी स्थानीय पंचायतों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, छात्रवृत्ति, खेल और डिजिटल शिक्षा सुविधा बढ़ाने का दावा करती है।। साथ ही क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने का आश्वासन भी दिया गया है।।ड्राफ्ट के अनुसार परियोजना से स्थानीय रोजगार, सड़क सुविधा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पेयजल उपलब्धता में सुधार होगा। कंपनी का दावा है,कि वायु, जल, मिट्टी और शोर प्रदूषण को रोकने के सभी नियामक उपाय किए जाएंगे और खदान संचालन पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप ही होगा। जिले में उद्योग नीति और परियोजना के संचालक को लेकर कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि तिवारी ने बताया कि परियोजना में विघ्न बाधा डालने के लिए अनावश्यक भ्रांतियां उत्पन्न की जा रही है। वर्तमान में परियोजना के लिए 185 एकड़ जमीन खरीदी जा चुकी है और यह कार्य 2 साल पहले से प्रारंभ है।। सभी किसानों की जमीन को आपसी सहमति से ही खरीदा गया है और तीन दिन पहले ही एक किसान से परियोजना के लिए जमीन खरीदी गई है।। उन्होंने बताया कि खदान संचालक को लेकर भी गलत अफवाह फैलाई जा रही है, जबकि वास्तविकता यह है की खदान में केवल 30 मीटर तक ही गहराई में खनन किया जाएगा और 404 मीटर के दायरे में ही सारे नियोजन कार्य नियमों के मुताबिक किए जाएंगे।।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रतिक्रिया देते हुए कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रावल ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों की हर समस्या का समाधान किया जाएगा उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की जो भी चिंता है प्रशासन उनके समाधान के लिए तत्पर है कुछ लोग बेवजह भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन सच्चाई यही है कि जिले में उद्योग आने से क्षेत्र में विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।। परियोजना को लेकर जो हालात है,उसका समाधान किया जाना है और उम्मीद है,कि संवाद से ही समस्या का समाधान निकाला जाएगा।।उन्होंने कहा कि जनसुनवाई से ही समस्या का समाधान किया जा सकता है।। आगामी 11 दिसंबर को होने वाली जनसुनवाई रद्द करने की मांग पर कलेक्टर ने पूरी संवेदनशीलता से कहा कि जिला प्रशासन इस पर विचार कर रहा है, लेकिन जनसुनवाई ही एक ऐसा मंच है जहां ग्रामीण अपनी बात प्रशासन और शासन के समक्ष रख सकते हैं और इसी से ही समस्या का समाधान होगा।। प्रेस कांफ्रेंस के बाद कंपनी की विकासपरक दलीलों और जिला प्रशासन के सकारात्मक रूप के बाद सब की नजर आगामी 11 दिसंबर को होने वाली परियोजना की जनसुनवाई पर टिकी हुई है।। सीमेंट परियोजना को लेकर आगे क्या होगा यह आने वाले एक-दो दिनों में स्पष्ट रूप से सामने आ जाएगा।।

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