9 घंटे चली मैराथन बैठक में बोले मुख्यमंत्री — “रिपोर्टों में नहीं, जमीन पर दिखने चाहिए नतीजे”
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में अफसरों को साफ संदेश दे दिया — “जनता के काम में सुस्ती अब नहीं चलेगी!”
सुबह से शुरू हुई यह मैराथन बैठक पूरे 9 घंटे चली, जिसमें राज्य प्रशासन की कार्यशैली, योजनाओं के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर मुख्यमंत्री ने खुलकर सख्ती दिखाई।
“यह केवल समीक्षा बैठक नहीं, सुशासन का एग्जाम है”
CM साय ने कहा — “यह कॉन्फ्रेंस सिर्फ आंकड़ों की समीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जनहित के नए मानक तय करने के लिए है।”
उन्होंने कहा कि जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन के नतीजे जमीन पर दिखने चाहिए, कागज़ों में नहीं।
धान खरीदी पर सख्त निर्देश — “गड़बड़ी मिली तो कलेक्टर सीधे जिम्मेदार”
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी और तैयारी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हर खरीदी केंद्र की रीयल टाइम मॉनिटरिंग हो और संवेदनशील जिलों पर प्रभारी सचिव की विशेष नजर रहे।
सीएम ने बताया कि अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के ज़रिए निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई हो सके।
किसानों को कोई भी योजना से वंचित न रहे
CM ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए कहा कि “एक भी पात्र किसान वंचित नहीं रहना चाहिए।”
उन्होंने बस्तर और सरगुजा संभाग के कमिश्नरों को निर्देश दिए कि योजनाओं की प्रगति की सतत समीक्षा करें।
“प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना” से हर घर तक मुफ्त बिजली का लाभ
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जाए ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर — “हर अस्पताल में 100% प्रसव और मातृ मृत्यु ऑडिट अनिवार्य”
CM साय ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में 100% प्रसव सुनिश्चित हो, टीकाकरण की फील्ड वेरिफिकेशन हो और हर मातृ मृत्यु का ऑडिट अनिवार्य रूप से किया जाए।
बस्तर में मलेरिया उन्मूलन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के मलेरिया हॉटस्पॉट इलाकों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि छत्तीसगढ़ को जल्द “मलेरिया मुक्त राज्य” बनाया जा सके।
शिक्षा पर विशेष फोकस — “पढ़ाई अलमारियों में नहीं, कक्षा में दिखनी चाहिए”
CM साय ने शिक्षा विभाग को सख्त निर्देश दिए — “ड्रॉपआउट जीरो करना है और सकल नामांकन अनुपात 100% करना है।”
उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार आधारित APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए।
CM ने घोषणा की कि राज्य में जल्द शुरू होगा “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान”, जिसमें स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण और ग्रेडिंग होगी।
धरती आबा अभियान से आदिवासी विकास को नई दिशा
मुख्यमंत्री ने बताया कि “धरती आबा अभियान” के तहत 17 विभागों को मिलकर काम करना होगा ताकि आदिवासी अंचलों में शिक्षा, पेयजल, आजीविका और पर्यटन के क्षेत्र में 100% लक्ष्य हासिल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि “आदि कर्मयोगी अभियान” में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है, जो जनजातीय समाज की आत्मनिर्भरता की मिसाल है।
प्रधानमंत्री आवास योजना: दिसंबर तक पूरा होगा लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (Urban) के सभी शेष मकान 31 दिसंबर तक पूर्ण किए जाएं और तैयार मकानों का अधिपत्य दो माह के भीतर हितग्राहियों को सौंपा जाए।
उन्होंने चेतावनी दी — “किसी भी भुगतान में देरी पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।”
सफाई पर सीएम की सख्ती — “सुबह 7 बजे तक सड़कों पर नजर आएं कलेक्टर”
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी कलेक्टर सुबह 7 बजे से पहले नगरीय वार्डों का निरीक्षण करें।
उन्होंने साफ कहा — “कागज़ी रिपोर्ट नहीं चलेगी, फील्ड विज़िट जरूरी है।”
सीएम ने कहा कि अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता में दिखाई देने वाला सुधार चाहिए।
युवाओं को रोजगार — “प्रशिक्षण केवल सर्टिफिकेट तक सीमित न रहे”
मुख्यमंत्री ने कौशल विकास विभाग को निर्देश दिया कि राज्य स्तरीय रोजगार मेला आयोजित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि वास्तविक रोजगार और आत्मनिर्भरता होना चाहिए।
ई-सेवाओं में तेजी — “हर नागरिक को समय पर सुविधा मिले”
सीएम साय ने लोक सेवा गारंटी के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि हर जरूरी सेवा तय समय सीमा में मिले, देरी पर कार्रवाई तय होगी।
उन्होंने कहा कि “जन्म से लेकर प्रमाणपत्र तक, सब कुछ क्लिक पर उपलब्ध हो” — यही असली डिजिटल सुशासन है।
“रेत खनन, धान खरीदी या किसी योजना में गड़बड़ी हुई — तो होगी कठोर कार्रवाई”
मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी — राज्य सरकार “जीरो टॉलरेंस नीति” पर अमल कर रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“अधिकारी खुद फील्ड में जाएं — तभी आएगा भरोसा”
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर अधिकारी को अपने अधीनस्थ कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण करना चाहिए।
उन्होंने कहा — “जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें, जनता से संवाद बढ़ाएं और काम के परिणाम से भरोसा जीतें — यही सुशासन की पहचान है।”
