सूचना आयोग में अनुभव की नई शर्त के खिलाफ हाई कोर्ट में लगाई गई थी याचिकाएं की सुनवाई के लिए प्रदीप शर्मा ने हाईकोर्ट में अपील की सुनवाई…

प्रदीप शर्मा ने कोर्ट मे अपना पक्ष रखने याचिका लगाई थी आज स्थागन आदेश ख़ारिज करते हुए प्रकरण समाप्त कर दिया गया

मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयुक्त की नियुक्ति पर उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ ने दिया स्थागन आदेश ख़ारिज करते हुए प्रकरण समाप्त कर दिया गया

बिलासपुर: मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी करने के बाद अनुभव की जो नई शर्त जोड़ दी गई है उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय डब्ल्यूपीसी 3811/2025 एवं 3815/2025 डॉक्टर दिनेश्वर प्रसाद सोनी उर्फ डी.के. सोनी प्रति छत्तीसगढ़ शासन व अन्य के तहत दो याचिकाएं मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयुक्त की नियुक्ति में अनुभव की नई शर्त लगाई जाने के कारण दायर की गई थी जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने दिनांक 29/5/2025 को सुनवाई करते हुए मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयुक्त की नियुक्ति पर रोक लगाई जाने का आदेश दिया गया था। जिसकी सुनवाई के लिए प्रदीप शर्मा ने हाईकोर्ट में केस दर्ज किया है जिससे कि पत्र व्यक्ति का चयन हो सके।

इस संबंध मे एडवोकेता अली असगर बिलासपुर हाईकोर्ट वकील ने बताया कि जब मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पदों के लिए राज्य शासन ने वैकेंसी निकली तब आवेदन के लिए अनुभव की कोई विशेष शर्त नहीं रखी गई थी लेकिन 9 मई 2025 को जारी इंटरव्यू कॉल लेटर में सर्च कमेटी ने विधि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की समाज सेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंपर्क या प्रशासन के क्षेत्र में कम से कम 25 वर्षों के अनुभव की अनिवार्यता जोड़ दी। इसी नई मापदंड के आधार पर 172 आवेदनों में से सिर्फ 51 को ही इंटरव्यू के लिए चुना गया वहीं मुख्य सूचना आयुक्त के लिए 30 वर्ष के अनुभव की अनिवार्यता जोड़ दी गई।

नए शर्तो के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका पर दिया स्थगन राज्य शासन द्वारा अनुभव को लेकर जोड़ी गई नई शर्तों के खिलाफ हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई है जिसमें अधिवक्ता डी.के सोनी ने दोनों पदों के लिए आवेदन दिया था जिसमें अनुभव की नई शर्त जोड़ने के कारण अनुभव की शर्तों के खिलाफ याचिका लगाई है जिसमें माननीय उच्च न्यायालय ने दोनों पदों के इंटरव्यू होने के उपरांत स्थगन आदेश जारी कर नियुक्ति पर रोक लगाया गया था जिसकी सुनवाई के लिए केस लगाया गया है।

साथ ही प्रदीप शर्मा दोनों ही पदों के इंटरव्यू में पात्रता की श्रेणी में आए और इस इंटरव्यू में सबसे कम उम्र के उम्मीदवार है और साथ कंडिकाओ में लगभग छै की योग्यता रखते हैं।

खाली पद के लिए अगर नई नियुक्तियों का मामला कोर्ट में उलझ गया तो इसमें और विलंब हो सकता है अब देखना यह है कि अनुभव की शर्तों के खिलाफ दायर याचिकाओं को लेकर कोर्ट का क्या फैसला आता है और तत्काल फैसला हो जिसके लिए केस पर अपील किया गया है। जिसमें आज छत्तीसगढ़ में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। बिलासपुर हाई कोर्ट ने स्थगन समाप्त करते हुए याचिका खारिज कर दी। बताते हैं, कोर्ट में बड़ा दिलचस्प हुआ। जिस 25 साल के अनुभव की शर्त को चैलेंज किया गया था, कोर्ट ने उसे सही करार दिया। विरोधी पक्ष ने कोई तर्क-वितर्क भी नहीं किया।

Exit mobile version