छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस मोदी के आगमन पर व्यापारियों में उत्साह अजय भसीन बोले, ‘GST 2.0 से सशक्त होगा स्वदेशी भारत’

भिलाई। 1 नवम्बर 2025 आज छत्तीसगढ़ स्थापना का 25वां वर्ष है, और इस शुभ अवसर पर पावन धरती छत्तीसगढ़ पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन व्यापारी समाज के लिए गौरव का विषय बना। भिलाई चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के सदस्य व्यापारियों ने इस अवसर को बड़े उत्साह के साथ स्वागत किया और विशेषकर मोदी जी द्वारा प्रस्तुत किए गए GST 2.0 सुधारों (जिसमें जीएसटी स्लैबों का सरलिकरण और व्यापार-सुगमता हेतु बदलाव शामिल है) पर अपनी बधाई दी।

अजय भसीन, महामंत्री, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़, ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ये सुधार न केवल वित्तीय व्यवस्था को सरल बनाएँगे, बल्कि छोटे व्यापारियों, उपभोक्ताओं और राज्य-अर्थव्यवस्था के सामान्य नागरिकों को राहत पहुँचाएँगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह पहल “विकसित भारत 2047” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें स्वदेशी उत्पादों को अपनाना और व्यापार के सुगम वातावरण को सुनिश्चित करना शामिल है।

उन्होंने आगे बताया कि छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की इस पावन घड़ी में व्यापारीगण न केवल गर्व महसूस कर रहे हैं, बल्कि वे इस अवसर को प्रेरणा के रूप में लेकर आगे की योजनाओं को साकार करने हेतु प्रतिबद्ध हैं। इसके अंतर्गत उन्होंने यह निर्णय लिया कि भिलाई चेम्बर, 19 दिसंबर को आयोजित होने वाले “भिलाई गौरव दिवस” से पूर्व, विभिन्न बाजारों में जाकर आम जनता एवं उपभोक्ताओं को स्वदेशी अपनाने का संदेश देंगे और इस प्रकार जागरूकता बढ़ाएंगे।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सदस्य उपस्थित रहे:
भिलाई चैंबर अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा
चेयरमैन दिनकर बसोतिया
सुनील मिश्रा, राजेश शर्मा, मनोज आहूजा, नवीन वर्दानी, निरंकार सिंह, सुश्री सुमन कन्नौजे, युवा प्रमुख विकास जायसवाल, चिन्ना राव, शिवराज शर्मा, प्रेमरतन गहलोत, पवन जिंदल, रितेश अग्रवाल, भूषण अदलखा, अखराज ओस्तवाल एवं अन्य गणमान्य सदस्य।

इस प्रकार, छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर व्यापारी समुदाय ने न केवल राष्ट्रीय एवं राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लिया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि वे स्वदेशी उत्पादों का उपयोग बढ़ावा देंगे, सुधारात्मक योजनाओं का स्वागत करते हैं, और अजय भसीन की अगुवाई में चेंबर अपनी प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था सबल बने और व्यापार-सहयोगी सोच को बल मिले।

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