ब्लॉक स्तरीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं सांकेतिक चक्का जाम का आयोजन

सरकार किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। धान खरीदी की निर्धारित तिथि बढ़ाकर किसानों को राहत देना आवश्यक है, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा— जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर

अंडा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान दिवस के अवसर पर 30 जनवरी 2026 को ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं सांकेतिक चक्का जाम कार्यक्रम का आयोजन ग्राम अंडा के अटल चौक में किया गया। यह कार्यक्रम किसानों से जुड़ी समस्याओं एवं धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। धान खरीदी की निर्धारित तिथि बढ़ाकर किसानों को राहत देना आवश्यक है, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

वक्ताओं ने किसानों के हित में ठोस निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उपस्थित जनसमूह ने शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को रखा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस धरना प्रदर्शन में अंडा पुलिस का विशेष सहयोग रहा।
कार्यकर्ताओं ने मनरेगा का नाम बदलने और योजना में किए गए बदलावों का विरोध करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

मनरेगा के नाम और स्वरूप में बदलाव पर आपत्ति
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण कर दिया है और योजना के स्वरूप में भी कई बदलाव किए गए हैं. कांग्रेस का कहना है कि इन बदलावों से ग्रामीण मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे और गरीबों को मिलने वाला रोजगार प्रभावित होगा. इसी के विरोध में यह धरना‑प्रदर्शन और चक्काजाम किया गया।

ग्रामीण जनता से धोखे का आरोप
धरना‑प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक
अध्यक्ष दुर्ग ग्रामीण देवेंद्र देशमुख ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि जिस तरह महात्मा गांधी जी के नाम से जुड़ी योजना का नाम बदला गया है, वह ग्रामीण जनता के साथ धोखे जैसा है. उनका कहना था कि नाम बदलकर सरकार लोगों को भ्रमित कर रही है, जबकि असल मुद्दा मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी दिलाने का है।

भुगतान व्यवस्था पर उठाए सवाल
जिला अध्यक्ष किसान कांग्रेस पुकेश चन्द्रकार ने कहा कि मनरेगा में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को देना होता है. वर्तमान हालात में राज्य सरकार के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होने से भुगतान में दिक्कत आएगा. ऐसे में मजदूरों को उनकी मजदूरी के लिए भटकना पड़ेगा, जिससे वे काम करने से हतोत्साहित होंगे और योजना धीरे‑धीरे बंद होने की कगार पर पहुंच सकता है.

केंद्र से अधिक हिस्सेदारी की मांग
कांग्रेस ने मांग की कि मनरेगा का नाम बदला न जाए और केंद्र सरकार इस योजना में 90 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी निभाए. उनका कहना है कि इससे मजदूरों को समय पर भुगतान मिलेगा और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बने रहेंगे. कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा में किए गए बदलाव वापस नहीं लिए गए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
धरना-प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र देशमुख, ब्लॉक अध्यक्ष रिसाली दिनेश पटेल, प्रदेश महामंत्री अजीत यादव, जितेंद्र साहू,  नंदकुमार सेन, पूर्वा सभापति टिकेश्वरी देशमुख,  दिनेश पटेल,  रविंद्र यादव, पुकेश चंद्राकर, सरपंच दिग्विजय सिंहा, जनपद उपाध्यक्ष, राकेश हिरवानी, अनूप दे, डिकेद्र  हिरवानी,धर्मेंद्र बंजारे, डा. पिलेश्वर साहू, जामवंत गजपाल, रूपेश देशमुख, अशोक सिन्हा,बैकुंठ महानंद रविंद्र सिंन्हा, जनपद सदस्य  दामिनी साहू, मनीष चंद्राकर  नंदकुमार साहू,कैलाश सिंहा, रोहित साहू, देवराज चतुर्वेदी,मुन्ना महाराज,भोलु दाऊजी, गोवर्धन बारले दिलीप साहू जितेन्द्र साहू, अर्जुन वर्मा, भूपेंद्र वर्मा प्रवीण चंद्राकर तीर्थराज चंद्राकर भुवनेश्वरी ठाकुर हरेंद्र घृतलहरे, डा. चेलक, तेजराम चौहान, दिपांशु यादव, तुषार हरमुख सहित कांग्रेस संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान एवं मजदूर बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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