भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटर प्लांट-3 की टीम ‘लक्ष्य’ ने अपनी उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता और कुशल प्रस्तुतिकरण के दम पर तिरुपति चैप्टर में आयोजित तकनीकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक एवं “सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति” पुरस्कार जीतकर संयंत्र का नाम रोशन किया। टीम ‘लक्ष्य’ का नेतृत्व अभिषेक साहनी ने किया, जबकि ओम नम: शर्मा ने फैसीलिलेटर की भूमिका निभाई, वहीं अमरेश धुंधरे, डिप्टी लीडर के रूप में तथा प्रेम लाल, अमित भंडारी एवं संजय चौधरी सदस्य के रूप में टीम में शामिल थे।
यह प्रतियोगिता भारतीय इस्पात उद्योग के विभिन्न संयंत्रों के बीच तकनीकी नवाचार,ज्ञान के आदान-प्रदान और उन्नत कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। देशभर से आई प्रतिष्ठित टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद, टीम ‘लक्ष्य’ (सिंटर प्लांट-3) ने अपने प्रोजेक्ट “बंकर के कैपिटल रिपेयर” में अपनाए गए अभिनव दृष्टिकोण पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
टीम ने मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा, गुणवत्ता और समयबद्ध निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नवोन्मेषी उपाय अपनाकर कार्य की दक्षता और स्थायित्व में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित किया। इस प्रोजेक्ट ने संयंत्र की परिचालन विश्वसनीयता को सुदृढ़ करते हुए संसाधन-प्रबंधन और लागत नियंत्रण की दिशा में नई मिसाल कायम की है।
भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने टीम ‘लक्ष्य’ की इस उल्लेखनीय सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि कर्मचारियों की प्रतिबद्धता,तकनीकी दक्षता और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। प्रबंधन ने अन्य टीमों को भी इसी तरह नवाचार और सतत सुधारोन्मुख पहल की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
