Wednesday, March 4, 2026

चिकित्सालय प्राइवेटाइजेशन की हो रही कोशिशों के बीच यूनियन ने प्रबंधन से मिलकर जताया विरोध, कहा कर्मचारियों को होगी परेशानी

भिलाई इस्पात संयंत्र चिकित्सालय का प्राइवेटाइजेशन किए जाने की चर्चाओं की सच्चाई को जानने के लिए भिलाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी ने हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉक्टर विनीता द्विवेदी से मुलाकात की और इसके विषय में जो भी सच है उसे जानने का प्रयास किया इस संदर्भ में डायरेक्टर ने बताया कि इस प्रकार के प्रपोजल पर चर्चा हुई है पर धरातल में इससे कार्यरूप दिया जाना आसान नहीं है क्योंकि जिस प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं आज हास्पिटल अपने कर्मचारियों को दे रहा है वह किसी भी प्राइवेट पार्टी द्वारा दिया जाना संभव नहीं है उन्होंने माना की कुछ कमियां है जिनमें सुधार की आवश्यकता है और हमें पूर्ण विश्वास है कि हम अपने स्तर पर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दे पाएंगे। उन्होंने बताया कि हमारी अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं को देखकर ही रेलवे जैसे विभाग ने हमसे अपने कर्मचारियों के इलाज के लिए एग्रीमेंट किया है जो हमारे अस्पताल के लिए गर्व की बात है।

यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रबंधन द्वारा किसी भी प्राइवेटाइजेशन के प्रयासों को सिरे से खारिज करते हुए अपना विरोध जताया और आगाह किया यदि इस प्रकार का कोई भी प्रयास किया जाता है तो हर स्तर पर इसका विरोध किया जाएगा प्रबंधन भिलाई को रिसर्च सेंटर मानकर चलता है जहां है हमेशा अपनी मनमानी कर्मचारियों को ऊपर थोपता रहता है पर स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कटौती का भिलाई कर्मचारी पुरजोर विरोध करेंगे।

अस्पताल प्रबंधन योग्य सीनियर डॉक्टरों की भर्ती करें जिससे रेफरल कम हो और बेहतर इलाज अस्पताल में उपलब्ध हो हमें अपने डॉक्टर और अस्पताल पर पूरा विश्वास है कि वह अब तक कर्मचारी एवं कर्मचारियों के परिवार को एक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देते रहे हैं और भविष्य में भी देते रहेंगे।

आज की चर्चा में अध्यक्ष राजेश चौहान महामंत्री अशोक कुमार माहौर कार्यकारी अध्यक्ष आनंद पांडेय, श्रीनिवास मिश्रा उपाध्यक्ष तरूण सेमुअल ओ पी तीतरमारे वरिष्ठ नेता अरविंद पाण्डेय तथा विष्णु साहू थे।

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