Thursday, January 15, 2026

भिलाई नगर निगम का ‘अनोखा न्याय’: गरीबों के लिए बुलडोजर, रसूखदारों के लिए ‘क्लीन चिट’!!!

आम आदमी पार्टी ने नगर निगम के दोहरे मापदंडों पर उठाए गंभीर सवाल; कहा- निगम की चुप्पी भ्रष्टाचार की गवाही है।

भिलाई। आम आदमी पार्टी (आप) ने भिलाई नगर निगम की हालिया कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे “अंधेर नगरी, चौपट राजा” की स्थिति करार दिया है। नगर निगम द्वारा भवन आधिकारिक पत्र का हवाला देते हुए पार्टी ने आरोप लगाया है कि निगम प्रशासन रसूखदारों के अवैध निर्माणों को संरक्षण दे रहा है, जबकि गरीब दुकानदारों और आम जनता पर जुल्म ढाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा।
निगम ने खुद कबूला सच?
हाल ही में नगर निगम द्वारा जारी पत्र (क्रमांक/सात/दो/भ.अ./2025/1851) में प्रशासन ने यह लिखकर खुद को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है कि “उक्त स्थल पर वर्तमान में किसी भी प्रकार अवैध निर्माण नहीं किया जा रहा है।”
आम आदमी पार्टी के नेता जसप्रीत सिंह ने सवाल किया है कि:
अगर वर्तमान में निर्माण नहीं हो रहा, तो क्या निगम यह स्वीकार कर रहा है कि पूर्व में वहाँ अवैध अतिक्रमण हुआ था?
यदि अतिक्रमण हुआ था, तो उस पर अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?


क्या निगम की जिम्मेदारी सिर्फ निर्माण रुकवाने तक सीमित है, या कानून तोड़ने वालों पर जुर्माना और एफआईआर दर्ज करना भी उनका काम है?
गरीबों पर वार, अमीरों पर प्यार

जसप्रीत सिंग ने निगम पर तंज कसते हुए कहा गया कि भिलाई में कानून की दो परिभाषाएं चल रही हैं। एक ओर अगर कोई छोटा दुकानदार प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भर पाता, तो निगम का अमला तुरंत उसकी दुकान सील करने पहुँच जाता है। नेहरू नगर से लेकर खुर्सीपार तक गरीबों की झुग्गियों और ठेलों पर निगम का बुलडोजर 'गरजता' है, लेकिन जब बात डी-मार्ट जैसे बड़े व्यवसायिक संस्थानों के 85 फीट सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण की आती है, तो बुलडोजर का टायर अचानक 'पंचर' हो जाता है।
सीमांकन के नाम पर केवल खानापूर्ति

आप ने कहा कि निगम के अधिकारी केवल कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं। जब निगम ने सीमांकन कर लिया और उन्हें पता है कि जमीन सरकारी है, तो फिर दोषियों को बचाने के लिए “वर्तमान में काम बंद है” जैसा बचकाना तर्क क्यों दिया जा रहा है? क्या प्रशासन केवल उस वक्त का इंतज़ार कर रहा है जब मामला ठंडा हो जाए और रसूखदार अपना कब्जा पक्का कर लें?

अगला कदम: निर्णायक आंदोलन
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आने वाले दिनों के भीतर इस दोहरे मापदंड को बंद नहीं किया गया और बड़े अवैध निर्माणों पर बुलडोजर नहीं चला, तो पार्टी के कार्यकर्ता निर्माण स्थल पर तंबू कार्ड के लोगों को पंपलेट बात कर लोगों की नगर निगम की करतूत बताएंगे । भिलाई की जनता यह देख रही है कि कैसे प्रशासन "सुविधा शुल्क" के आगे नतमस्तक होकर न्याय की बलि चढ़ा रहा है।

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