Wednesday, March 4, 2026

सरल बनें, स्मार्ट नहींक्योंकि आपको ईश्वर ने बनाया है, सैमसंग कंपनी ने नहीं

आर्य समाज मंदिर सेक्टर-6 भिलाई में चार दिवसीय वैदिक वार्षिक उत्सव, 11 जनवरी को पूर्णाहुति
वेद पाठी कन्याएं कर रही है वेद पाठ

भिलाई। आर्य समाज मंदिर सेक्टर-6, भिलाई में चार दिवसीय वार्षिक उत्सव का आयोजन 08 से 11 जनवरी 2026 तक वैदिक परंपराओं के अनुरूप श्रद्धा, अनुशासन और वैदिक चेतना के साथ किया जा रहा है। प्रतिदिन ऋग्वेद पारायण, महायज्ञ, सत्संग, प्रवचन एवं भजनों के माध्यम से वैदिक जीवन मूल्यों का संदेश दिया जा रहा है। यह आयोजन निरंतर आर्य समाज परिसर में चल रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं।

यज्ञ ब्रह्मा के रूप में आगरा से पधारे आचार्य हरिशंकर अग्निहोत्री जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ महायज्ञ संपन्न कराया जा रहा है। अपने प्रवचनों में उन्होंने कहा कि यज्ञ करना संसार का श्रेष्ठ कर्म है, क्योंकि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन की शुद्धि, समाज में सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने जाति, पंथ और मजहब से ऊपर उठकर सभी को यज्ञ में आहुति देने का आह्वान किया और कहा कि सामूहिक सहभागिता से ही समाज और राष्ट्र सशक्त बनते हैं।

उत्सव के दौरान आर्य समाज परिसर वेद वाणी से गूंज उठा। गुरुकुल आश्रम आमसेना से पधारी वेदपाठी ब्रह्मचारिणियों सस्मिता, पूजा, प्रज्ञा, प्रियंका एवं दीपिका द्वारा किए गए वेदपाठ ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। दिल्ली से पधारे भजनोपदेशक कंचन कुमार आर्य जी ने ईश्वर भक्ति से परिपूर्ण सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। धर्माचार्य पं. अंकित शर्मा जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

आज के सत्संग में वैदिक विद्वान आचार्य डॉ. अजय आर्य जी ने जीवन की नश्वरता, व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व पर अत्यंत प्रभावशाली प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि “मनुष्य जीवन में कितना भी धन-संग्रह क्यों न कर ले, अंततः उसे इस संसार से विदा होना ही पड़ता है। इसलिए जीवन का लक्ष्य धन नहीं, बल्कि धर्म, सेवा, सदाचार और मानव कल्याण होना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि आज का मनुष्य अत्यधिक चालाक बनने की दौड़ में सरलता और संवेदनशीलता खो रहा है। अपने सारगर्भित संदेश में उन्होंने कहा ‘सरल बनें, स्मार्ट मत बनें, क्योंकि आपको ईश्वर ने बनाया है, किसी कंपनी ने नहीं।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्चा व्यक्तित्व तकनीक, दिखावे या भौतिक चकाचौंध से नहीं, बल्कि सत्य, संयम, करुणा और संस्कारों से निर्मित होता है।

आचार्य हरिशंकर अग्निहोत्री जी ने राष्ट्र निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्र किसी मिट्टी के ढेर की तरह नहीं, बल्कि छप्पर की तरह होता है, जिसे कोई एक व्यक्ति अकेले नहीं उठा सकता। राष्ट्र निर्माण के लिए सभी को मिलकर परिश्रम, त्याग और समर्पण के साथ कार्य करना पड़ता है। यह संदेश उपस्थित श्रद्धालुओं को सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक एकता की भावना से जोड़ने वाला रहा।

उत्सव के दौरान प्रधान अवनी भूषण पुरंग, उपप्रधान रवि आर्य, मंत्री प्रवीण गुप्ता, कोषाध्यक्ष अरुण ग्रोवर सहित अनेक आर्यजन यज्ञ में आहुति देकर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना कर रहे हैं। प्रतिदिन प्रातः महायज्ञ, दिन में सत्संग-प्रवचन तथा सायंकाल भजन एवं वैदिक विचारों के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आर्य समाज द्वारा समस्त शहरवासियों से सादर अपील की गई है कि वे जाति, पंथ और मजहब से ऊपर उठकर आर्य समाज मंदिर सेक्टर-6, भिलाई में आयोजित इस वैदिक उत्सव में उपस्थित हों, यज्ञ में आहुति दें और वैदिक जीवन मूल्यों को आत्मसात कर समाज व राष्ट्र के उत्थान में सहभागी बनें। उत्सव का समापन रविवार 11 जनवरी को 12:00 बजे पूर्णाहुति, विशेष प्रवचन, आर्य वीर दल के शक्ति प्रदर्शन एवं ऋषि लंगर के साथ होगा।

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