(वरिष्ठ पत्रकार सुरेश महापात्रा)जगदलपुर। 13 दिसंबर का दिन राजधानी में बरसों से निवासरत जगदलपुरियंस के लिए एक शानदार यादगार दिन बन गया।
एक वाट्सएप ग्रुप के रूप में इसे आपस में जोड़ने की शुरुआत दो बरस पहले हुई। और अब इसमें सैकड़ों परिवार शामिल हो चुके हैं।
हम बस्तरिया लोगों में जो सहजता है, सरलता है, मिलनसारिता है वैसा राजधानी में कम ही महसूस होता है।
इंद्रावती के पानी की तासीर ही कुछ ऐसी है कि बस्तर के लोग हाव भाव और बोल चाल से ही समझ में आ जाते हैं।

बीते बरस जगदलपुर से राजधानी में आकर बसे रह रहे और काम काज कर रहे लोगों के बीच सहमति बनी कि अब कम से कम सात में एक बार आपस में मेलजोल बढ़ाएंगे।
इसका शानदार परिणाम आया। शनिवार 13 दिसंबर की शाम हम सबने एक साथ मिलकर दीपावली मिलन का कार्यक्रम आयोजित किया।
होटल लालबाग इन में यह आयोजन हुआ। तब पता चला कि राजधानी रायपुर के हर इक कोने में बस्तर जगदलपुर से आए परिवार रह रहे हैं।
नाम क्या ही बताया जाए। कल पहली बार ऐसा हुआ कि पैलेस रोड, पंचपथ, ठाकुर रोड, कोष्टापारा, मेन रोड, मिताली चौक, धरमपुरा, हाटकचोरा, बामनपारा, गोल बाजार, न्यू नरेंद्र टॉकीज के पास, कुम्हारपारा सब कुछ एक हालनुमा कमरे के भीतर समा गया।
जगदलपुर की महक, रंगत और संगत के साथ संगीतमय माहौल ने मन मोह लिया।
दरअसल बस्तर में अपनी तरह का खुलापन है। रायपुर हमारे लिए पहले से ही दूर रहा करता था। अब जब सड़कें और तमाम सुविधाएं हो गई हैं तो भी रायपुर की आबोहवा में बस्तर का दम घुटता है।
मेरे लिए यह बड़ा सौभाग्य रहा कि मैं सपत्नीक इस कार्यक्रम में शामिल रह सका। बचपन के मित्र, जान पहचान वाले से मिलना तो हुआ ही पर हर वह चेहरा जिसे मैंने देखा सारे जाने पहचाने लगे…
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में Nirmal Lunia Dinesh Mishra के साथ बहुत से लोगों का योगदान रहा। यहाँ Ajay Agrawal Ajay Rathi Yogesh Chandak भूपेन्द्र पांडे जी, Ramesh Jain Raj Jayant Mukherjee Rajeev Kapoor , श्रीनिवास जी, शुक्ला जी, बुरड़ जी समेत बहुत से लोगों से बेहद पारिवारिक माहौल में मुलाकात हुई।
वहाँ एक और बात की चर्चा हुई कि राजधानी में अभी भी बड़ी संख्या में जगदलपुर के निवासी रह रहे हैं। सभी को जोड़ना है। कुछ ना सही कम से कम बरस में एक बार बस्तर की सादगी, महक, रंगत और संगत को जिया जा सके…