सेवा गणना,वेतन विसंगति, टीईटी की अनिवार्यता और मोबाइल से ऑनलाइन उपस्थिति पर उठे सवाल,
खैरागढ़ : सहायक शिक्षकों ने किया जोरदार प्रदर्शन अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर,निकाली रैली, सौंपा ज्ञापन।। शनिवार को अंबेडकर चौक पर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक,समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला केसीजी के बैनर तले सहायक शिक्षकों ने अपनी लंबित चार सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।। इसके पश्चात शिक्षकों ने संगठित रैली निकालकर शासन का ध्यान आकृष्ट किया और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव तथा स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।।
धरना-प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने “मोदी की गारंटी” के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को शीघ्र दूर करने की मांग की शिक्षकों ने लंबे समय से वेतनमान में असमानता बनी हुई है, जिससे शिक्षकों में गहरा असंतोष है।। फेडरेशन ने सभी पात्र शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई।।
फेडरेशन ने प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर सभी एल.बी. शिक्षकों को समस्त वैधानिक लाभ प्रदान करने की मांग भी दोहराई।। शिक्षकों का कहना है कि सेवा गणना में विसंगतियों के कारण उन्हें पदोन्नति, पेंशन एवं अन्य लाभों से वंचित होना पड़ रहा है।।

फेडरेशन ने राज्य में टी.ई.टी. (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु शासन से ठोस पहल की मांग की शिक्षकों ने तर्क दिया कि वर्तमान व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है और इससे शिक्षकों के बीच असंतोष बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है।।
धरना-प्रदर्शन में शिक्षकों ने मोबाइल फोन से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए वीएसके (VSK) एप की अनिवार्यता को भी अव्यावहारिक बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की।। उनका कहना है,कि निजी मोबाइल से अनिवार्य ऑनलाइन उपस्थिति से आर्थिक बोझ बढ़ता है, वहीं नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं के चलते अनावश्यक मानसिक दबाव भी बनता है।।
फेडरेशन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा धरना एवं रैली में फेडरेशन के जिला अध्यक्ष रामलाल साहू सहित बड़ी संख्या में सहायक एवं समग्र शिक्षक उपस्थित रहे।। शिक्षकों ने एकजुट होकर शासन से मांगों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र समाधान की अपील की।।