Thursday, January 15, 2026

आर्य समाज मंदिर सेक्टर 6 भिलाई में आर्य वीरों एवं वीरांगनाओं का प्रशिक्षण शिविर आरंभ डेढ़ सौ युवा और 75 वीरांगना युवतियां प्रशिक्षण हेतु पहुँचीं

ढाई सौ लोगों ने सामूहिक संध्या ध्यान किया

भिलाई। आर्य समाज मंदिर सेक्टर 6 भिलाई में आर्य वीर दल का सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आरंभ हो गया है- जिसमें पूरे प्रदेश से आए डेढ़ सौ युवा और 75 वीरांगना युवतियां सहभागिता कर रही हैं। शिविर में सोनीपत से पधारे संदीप आर्य मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन दे रहे हैं- जबकि आचार्य अंकित शास्त्री धर्माचार्य के रूप में प्रशिक्षण शिविर का संचालन कर रहे हैं। साथ ही गीता वेदालंकार प्रांतीय प्रमुख के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं- प्रशिक्षण में दिलीप आर्य, रवि आर्य, रामनिवास गुप्ता, अवनीभूषण पुरंग-, नरेंद्र आर्य, मनोज आर्य सहित अन्य विशेषज्ञ भी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष्य में आज आर्य समाज परिसर में ढाई सौ लोगों ने सामूहिक ध्यान किया और मानसिक शांति- ऊर्जा तथा एकाग्रता के संदेश को अपनाया। आर्य समाज द्वारा संचालित यह चरित्र निर्माण शिविर सनातन धर्म की रक्षा के लिए युवाओं को प्रेरित कर रहा है- शिविर में लाठी चलाना- भाला चलाना- मलखंभ प्रदर्शन- योग प्रशिक्षण- सूर्य नमस्कार- शारीरिक क्षमता विकास जैसे अभ्यास कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही मंत्रों के उच्चारण- धार्मिक शिक्षा- वैदिक विचारधारा और नैतिकता के पाठों के माध्यम से युवाओं को बौद्धिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

डॉक्टर अजय आर्य ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि ‘युवाओं को धर्म की रक्षा के लिए केवल बलवान ही नहीं बल्कि चरित्रवान भी होना होगा- जो राष्ट्र के निर्माण में सबसे बड़ा योगदान देता है’ उन्होंने आगे कहा कि ‘सनातन धर्म की शक्ति शस्त्र से नहीं- शास्त्र- संस्कार और सत्य पर आधारित त्याग से बढ़ती है- इसलिए यह प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रहित में संकल्पित युवा शक्ति तैयार कर रहा है।’ उन्होंने शिविर में शामिल हुए लड़के-लड़कियों को अनुशासन- आत्मविश्वास और वैदिक जीवनशैली के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

आर्य समाज के अनुसार यह शिविर युवाओं को संयम- साहस- अनुशासन- राष्ट्रप्रेम और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का माध्यम है- शिविर के माध्यम से भिलाई सहित प्रदेश में वैदिक जागरण- शारीरिक क्षमतावृद्धि और राष्ट्रधर्म के संदेश को आगे बढ़ाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण शिविर 28 दिसंबर तक लगातार चलेगा। प्रशिक्षण शिविर का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम- वैदिक हवन और शस्त्र प्रदर्शन के साथ किया जाएगा- जिसमें प्रशिक्षित युवाओं की क्षमताओं का प्रदर्शन होगा और समाज को एक प्रेरणास्पद संदेश मिलेगा।

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