संतो को अंगरक्षक और बाउंसर की क्या जरूरत, धर्म बन गया है व्यापार?
(यतेंद्र जीत सिंह “छोटू”) खैरागढ़ : कथावाचन और सनातन परंपरा को लेकर आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री के तीखे वक्तव्यों ने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।। खैरागढ़ ब्लॉक के खैरबना ग्राम में आयोजित श्रीमद भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह के दौरान आचार्य शास्त्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कथा के बीच किसी भी नेता या प्रभावशाली व्यक्ति के स्वागत हेतु कथा रोकना व्यासपीठ का नहीं, बल्कि धर्म का अपमान है।। उन्होंने कहा कि आज धर्म में राजनीति घुसती जा रही है, जबकि होना यह चाहिए कि राजनीति में धर्म हो।। कथा के समय व्यासपीठ सर्वोच्च होती है, वहां कोई पद या सत्ता नहीं चलती।।
संतों के चारों ओर सुरक्षा घेरा, सच्चे सन्यास के खिलाफ
आचार्य शास्त्री ने संतों के चारों ओर बनाए जा रहे बैरियर, वीआईपी कल्चर और सुरक्षा घेरे पर भी सवाल उठाए।। उन्होंने कहा कि दिखावा, चकाचौंध और सुरक्षा घेरा सच्चे सन्यास और साधना के खिलाफ है।। संत को सहज और जनसामान्य के बीच रहना चाहिए।।
कथावाचक प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर बाबा पर सीधी टिप्पणी
आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जो व्यक्ति फीस न मिलने पर कथा रोक दे, वह कथावाचक नहीं हो सकता।। धर्म को व्यापार बनाना सनातन परंपरा के विरुद्ध है।।
वहीं बागेश्वर धाम सरकार पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर उन्होंने कहा कि वे कथावाचक हैं, ज्योतिषी नहीं। चमत्कार और ज्योतिष में फर्क समझना जरूरी है। चावल देखकर भविष्य बताना सिद्धि हो सकती है, लेकिन हर बात को चमत्कार कहना ठीक नहीं।

धर्म बनाम पाखंड: अब हवा में तैर रहा सनातन?
पत्रकारों से बातचीत में आचार्य शास्त्री ने कहा कि आज देश में सनातन हवा में तैर रहा है, लेकिन धर्म और पाखंड के फर्क को समझना जरूरी है।। पहले कथा सुनने से भीतर अध्यात्म जागता था, आज कथा श्रवण प्रदर्शन बनता जा रहा है।।अध्यात्म की जगह आडंबर ने ले ली है।।
फीस नहीं लेने के दावे पर भी सवाल
कथावाचकों द्वारा स्वयं को नि:शुल्क बताने के दावों पर कटाक्ष करते हुए आचार्य शास्त्री ने कहा कि लाखों की भीड़, हवाई यात्रा, पांच सितारा व्यवस्था और करोड़ों के पैकेज अपने आप में आडंबर का प्रमाण हैं।। चार हिंदुत्व की बातें कर दूसरे धर्मों पर टिप्पणी करना सनातन को आगे नहीं बढ़ाता।।
राजनीति और भविष्यवाणी पर बोले—गणना के बाद उत्तर दूंगा
देश व प्रदेश की राजनीति को लेकर भविष्यवाणियों पर आचार्य शास्त्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से लेकर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री चयन तक की भविष्यवाणियां वे पहले कर चुके हैं।। हालांकि मुख्यमंत्री परिवर्तन के सवाल पर उन्होंने कहा कि गणना के बाद उत्तर दिया जाएगा।।
धर्म ध्वज के लिए दिया दान
कार्यक्रम आयोजक आयशा सिंह “बोनी” ने बताया कि ग्राम खैरबना में 51 फीट ऊंचा धर्म ध्वज फहराया जाएगा, जिसके लिए आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री ने स्वयं 2100 रुपये का दान दिया है।। कथा से प्राप्त दान का उपयोग बेटियों की शिक्षा और विवाह में किया जाता है।। धर्म, अध्यात्म और राजनीति पर बहस की नई शुरुआत आस्था के मंच से उठे ये सवाल केवल बयान नहीं, बल्कि सनातन की आत्मा को झकझोरने वाली चेतावनी हैं।। आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री के इन वक्तव्यों के बाद यह बहस फिर तेज हो गई है,कि क्या कथा अब साधना नहीं, साधन बनती जा रही है?