रिकार्ड की सटीकता से जीएसटी स्क्रूटनी प्रकरणों का होगा बेहतर प्रबंधन

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ में जीएसटी अनुपालन सुदृढ़ करने हेतु कार्यशाला का आयोजन

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनियों में जीएसटी कानून के विभिन्न पहलुओं पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला थे। उन्होंने कहा कि जीएसटी कानून के तहत स्क्रूटनी एवं वाद-विवाद से बचाव के लिए सटीकता एवं सुदृढ़ रिकार्ड कीपिंग अत्यंत आवश्यक है। फाइलों का बेहतर दस्तावेजीकरण, समय पर रिटर्न दाखिला एवं नियमों के अनुरूप लेखा प्रबंधन से न केवल जीएसटी अनुपालन सुनिश्चित होता है, बल्कि विवादों की स्थिति भी नहीं बनेंगी।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के वित्त संकाय ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया रायपुर शाखा के सहयोग से इस कार्यशाला का आयोजन डंगनिया मुख्यालयस्थित सेवा भवन में किया। इसमें प्रबंध निदेशक शुक्ला ने संबोधन में कहा कि यह कार्यशाला जीएसटी लॉ के समुचित अनुपालन को सुनिश्चित करने एवं पावर कंपनियों में जीएसटी से संबंधित वाद-विवाद एवं प्रकरणों की बेहतर समझ विकसित करने की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है। जीएसटी जैसे जटिल कानून में समय-समय पर होने वाले संशोधनों की जानकारी अधिकारियों के लिए आवश्यक है, जिससे कार्य निष्पादन सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ किया जा सके।

कार्यशाला का विषय जीएसटी से संबंधित मुकदमे एवं निराकरण प्रबंधन था, इसमें छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के तीनों वित्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता सीए विकास गोलछा, चेयरमैन, आईसीएआई रायपुर शाखा रहे। उन्होंने विभिन्न पहलूओं को सरल तरीके से समझाया एवं अधिकारियों के प्रश्नों का निराकरण भी किया। कार्यशाला में जीएसटी कानून की जटिलताओं, अनुपालन प्रक्रिया तथा समय-समय पर आने वाली कानूनी चुनौतियों के समुचित प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में पावर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (वित्त) एम.एस. चौहान, जनरेशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (वित्त) संदीप मोदी एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अतिरिक्त महाप्रबंधक (वित्त) जी.के. राठी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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