कैथवलिया (पूर्वी चंपारण) में सहस्र लिंगम स्थापना की पीठ पूजा, मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बना ऐतिहासिक क्षण
पूर्वी चंपारण । विशेष रिपोर्ट
सनातन आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक गौरव का अभूतपूर्व दृश्य उस समय देखने को मिला, जब पूर्वी चंपारण के कैथवलिया स्थित विश्व के सबसे विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग (सहस्र लिंगम) की स्थापना के लिए पीठ पूजा संपन्न हुई।
इस ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान में माननीय मुख्यमंत्री सहित समस्त बिहार की जनता की सहभागिता ने आयोजन को जनआस्था का महाकुंभ बना दिया। वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान और श्रद्धा के वातावरण में संपन्न यह पूजा न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के लिए सनातन परंपरा का गौरवपूर्ण अध्याय बन गई।
विराट रामायण मंदिर में सहस्र लिंगम की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के उद्घोष गूंजते रहे। यह आयोजन आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक एकता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है।
“विराट रामायण मंदिर में सहस्र लिंगम की स्थापना सनातन संस्कृति की विश्वस्तरीय पहचान बनेगी।”
धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह मंदिर और सहस्र लिंगम की स्थापना भारत को वैश्विक आध्यात्मिक मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगी, वहीं पूर्वी चंपारण को एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में नई पहचान दिलाएगी।




