Sunday, January 18, 2026

कल्याण लॉ कॉलेज प्रकरण: करीब 1000 छात्रों के भविष्य पर संकट, वकालत के दरवाजे बंद होने का खतरा..


भिलाईनगर/नई दिल्ली। कल्याण लॉ कॉलेज, भिलाईनगर से शैक्षणिक सत्र 2011-12 से 2025-26 तक कानून की डिग्री प्राप्त करने वाले करीब 1000 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा जारी निर्देश के बाद इन छात्रों के अधिवक्ता के रूप में नामांकन पर ताला लगने की स्थिति बन गई है।

बीसीआई ने स्पष्ट किया है कि संबंधित कॉलेज ने बिना वैधानिक अनुमति के वर्षों तक अवैध प्रवेश लिए, जिसके चलते वहां से उत्तीर्ण छात्रों को किसी भी राज्य बार काउंसिल में नामांकित नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही पहले से नामांकित अधिवक्ताओं के नाम भी रोल से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्रों में हड़कंप, सालों की मेहनत पर संकट
इस फैसले के बाद
कानून की पढ़ाई कर चुके सैकड़ों युवाओं के सामने रोजगार और करियर का गहरा संकट खड़ा हो गया है,
कई छात्र वर्षों से वकालत की तैयारी कर रहे थे,
तो कई अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस भी शुरू कर चुके थे।
छात्रों का कहना है कि
“कॉलेज की मान्यता को लेकर कभी कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई,
अब अचानक हमारा पूरा भविष्य दांव पर लगा दिया गया है।”
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण ने उच्च शिक्षा विभाग, विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित निगरानी एजेंसियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो करीब 1000 युवाओं का भविष्य कानूनी उलझनों में फंस सकता है।
सरकार और प्रशासन से उम्मीद
प्रभावित छात्रों और अभिभावकों ने
राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि—
छात्रों के हित में विशेष समाधान निकाला जाए,
वैकल्पिक व्यवस्था या स्थानांतरण पर विचार किया जाए,
और दोषी संस्थान प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई हो।
“गलती संस्थान की, सजा छात्रों को?”
यह सवाल अब पूरे क्षेत्र में गूंजने लगा है।

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