(यतेंद्र जीत सिंह “छोटू”) खैरागढ़ : रानी रश्मि देवी सिंह शासकीय महाविद्यालय खैरागढ़ में प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा आज महाविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय पक्षी दिवस बड़े उत्साह एवं शैक्षणिक भावना के साथ मनाया गया।। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर के महत्व, संरक्षण तथा पक्षी जैव विविधता के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।।कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने बताया कि मोर को वर्ष 1963 में भारत का राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया था।। मोर न केवल अपनी अद्भुत सुंदरता और रंगीन पंखों के लिए जाना जाता है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, लोककला, धार्मिक ग्रंथों और पारंपरिक मान्यताओं में भी विशेष स्थान रखता है।। भगवान कृष्ण के मुकुट में मोरपंख इसका सांस्कृतिक महत्व दर्शाता है।।
कार्यक्रम के दौरान प्राणीशास्त्र विभाग के प्राध्यापकों ने पक्षियों की संरचना, व्यवहार, प्रजनन, पारिस्थितिक भूमिका और संरक्षण पर व्याख्यान दिए।। उन्होंने बताया कि पक्षी पारिस्थितिकी तंत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जैसे बीज प्रसार, कीट नियंत्रण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना।। मोर कृषि क्षेत्रों में हानिकारक कीटों को खाकर किसानों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होता है।।
विद्यार्थियों द्वारा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों ने पक्षियों के संरक्षण, आवास विनाश, जलवायु परिवर्तन और अवैध शिकार जैसी समस्याओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए।। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि शहरीकरण, वनों की कटाई और प्रदूषण के कारण पक्षियों की संख्या में निरंतर गिरावट आ रही है, जो भविष्य के लिए चिंताजनक है।।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे पक्षियों के लिए जल पात्र लगाएँगे, वृक्षारोपण करेंगे और लोगों को पक्षी संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे। विभागाध्यक्ष ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे प्राणीशास्त्र के ज्ञान का उपयोग समाज और पर्यावरण संरक्षण में करें।।
राष्ट्रीय पक्षी दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।। इसने यह स्पष्ट संदेश दिया कि पक्षियों का संरक्षण केवल वैज्ञानिकों की ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।। ऐसे कार्यक्रम युवाओं में पर्यावरणीय चेतना विकसित कर भविष्य में जैव विविधता संरक्षण को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।। कार्यक्रम में डॉ उमेद चंदेल, डॉ परमेश्वरी टाडिया, शबाना खान ,विकाश कुमार, निशा दुबे ,खुशबू सिंहा,अजीत साहू, सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्रा उपस्थित रहे ।।




