Saturday, January 17, 2026

कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल, भाजपा के कुशासन में छत्तीसगढ़ बना अपराधगढ़

रायपुर। बिगड़ते कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार की अकर्मण्यता के चलते छत्तीसगढ़ अपराधगढ़ बन चुका है। हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार, गैंगवॉर और चाकूबाजी की दिनों दिन बढ़ती घटनाओं से पूरे प्रदेश में भय का माहौल है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान से छत्तीसगढ़ के गली मोहल्ले तक ड्रग निर्बाध पहुंच रहा है, सत्ता के संरक्षण में अवैध नशे के बढ़ते कारोबार, बेलगाम अपराध का प्रमुख कारण है, अपनी अक्षमता छुपाने के लिए सरकार में बैठे लोग ही वर्ग संघर्ष करवा रहे हैं। राजधानी रायपुर का यह हाल है कि हर चौथे दिन एक हत्या, प्रतिदिन पांच लोगों के साथ लूट और चोरी, की घटनाएं घटित हो रही है। विगत एक वर्ष के दौरान राजधानी रायपुर में 280 दुष्कर्म की घटनाएं घटी, 8680 सायबर ठगी हुई।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ऐतिहासिक तौर पर छत्तीसगढ़ के सबसे नकारे गृहमंत्री साबित हुए हैं। अपराधी इतने बेख़ौफ़ हो गए है कि उनमें पुलिस और प्रशासन का खौफ जरा भी नहीं रहा है, बात-बात में राह चलते किसी को भी चाकू मार दिया जा रहा है, सड़कों पर खुलेआम हत्या हो रही है, जब से भाजपा की सरकार बनी है प्रदेश में गैंगवॉर शुरू हो गया है, दिन दहाड़े गोलियां चल रही है, अंतरराष्ट्रीय शूटरों की आमद छत्तीसगढ़ में होने लगी है, सरकार की नाकामी और पुलिस प्रशासन की अक्षमता का परिणाम है कि प्रदेश की राजधानी असुरक्षित हो चुका है, रायपुर का उपनाम चाकूपुर के रूप में प्रचारित होने लगा है, प्रदेश के लगभग सभी शहरों में रोज जघन्य अपराध घटित हो रहे हैं। भाजपा की सरकार आने के बाद से प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति दिन ब दिन बिगड़ती जा रही है। हत्या, अनाचार और डकैती जैसी आपराधिक घटनाएं बेतहाशा बढ़ रही हैं। इन आपराधिक घटनाओं को रोकने में राज्य सरकार विफल रही है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार का फोकस कानून व्यवस्था सुधारने में नहीं है। भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अराजकता, कमीशनखोरी, बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था पर यह सरकार न समीक्षा कर रही है, ना ही उसे सुधारने के कोई उपाय किया जा रहे हैं। भाजपा के कुशासन में खुद पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी है सुरक्षित नहीं है। भयमुक्त वातावरण देने में यह सरकार पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है।

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