रायपुर। नए साल में गैस सिलेंडर के दाम में 111 रुपए प्रति सिलेंडर की बेतहाशा वृद्धि को मोदी निर्मित आपदा करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के चलते बेलगाम हो चुकी महंगाई से जनता त्रस्त है। एक तरफ बेरोजगारी दूसरी तरफ बेतहाशा बढ़ती महंगाई की मार से जनता दोनों ओर से पिस रही है। हाल ही में सरकार ने रेलवे किराया बढ़ाया और अब नए साल से कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में वृद्धि कर दी है। महंगाई नियंत्रण और रोजगार के अवसरों के मामले में यह सरकार पूरी तरह से असफल हो चुकी है। इस सरकार ने देश के 81 करोड़ जनता को गरीब बनाकर केवल 5 किलो राशन की लाइन में खड़ा कर दिया है। भुखमरी इंडेक्स में लगातार पिछड़ते जा रहे हैं, असमानता और गरीबी तेजी से बढ़ रही है, आम आदमी की घरेलू बचत ऐतिहासिक तौर पर न्यूनतम स्तर पर आ गई है। खाद्य तेल को 70 रुपए प्रति लीटर तक पहुंचने में 70 साल लग गए थे, लेकिन मोदी राज के चंद दिनों में ही 200 पार हो गया। घरेलू गैस सिलेंडर जो भाजपाइयों को 400 रुपए में महंगा लगाता था, उसे 900-1000 तक पहुंचा दिए, कर्मिशयल गैस सिलेण्डर के दाम आज से 1580 से बए़कर 1691 हो गया है। भाजपा सरकारों को जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में आम आदमी का जीवन स्तर दिनों दिन खराब हुआ है, सारी राहत और रियायत केवल भाजपाइयों के पूंजीपति मित्रों के लिए है, देश के संसाधन, सार्वजनिक उपक्रम उन्हीं पर लुटाए जा रहे हैं, आम जनता इस महंगाई में परिवार पालने के लिए संघर्ष कर रहा है। मनमोहन सिंह के नेतृत्व में पूर्ववर्ती यूपीए की सरकार ने मनरेगा के नाम से रोजगार की कानूनी गारंटी का प्रावधान किया था जिसे मोदी सरकार ने महज़ योजना में परिवर्तित कर गरीब मरीजों से रोजगार का हक छीन लिया है, आम जनता की कमाई लगातार घट रही है, देश के संसाधनों पर मोदी के पूंजीपति मित्रों का एकाधिकार स्थापित किया जा रहा है, देश में आर्थिक असमानता सरकार की गलत नीतियों की वजह से ही बढ़ रहा है, बेलगाम महंगाई से आम जनता का जीना मुश्किल हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि महंगाई आम जनता के लिए भाजपा निर्मित आपदा बन चुकी है, रेलवे की टिकट से लेकर स्कूल, कॉलेजों की फीस तक सब कुछ कई गुना बढ़ चुका है। सरकार के संरक्षण में तरह तरह के सेवा शुल्क लगाकर बैंक, आम खातेधारकों को खुलेआम लूट रही है। पेट्रोल, डीजल से लेकर दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि ने आम जनता का बजट बिगाड़ दिया है।



