दुर्ग। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा “Protect Today, Secure Tomorrow” अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन छ०ग० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के मार्गदर्शन में “Protect Today, Secure Tomorrow” अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा इस सप्ताह जिले के विभिन्न स्थानों पर पर्यावरण संरक्षण विषयक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उक्त अभियान के अंतर्गत विधिक साक्षरता शिविर, आउटरीच गतिविधियाँ, जनसंवाद तथा जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों, विद्यार्थियों, विभागीय कर्मचारियों एवं ग्रामीण जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कानूनों, अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रमों के दौरान पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, भारतीय वन अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा, वनोपज के सतत उपयोग तथा पर्यावरणीय अपराधों से संबंधित विधिक प्रावधानों पर सरल एवं व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में नागरिकों की भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला जा रहा है।
इसी क्रम में कार्यालय वनमण्डलाधिकारी, दुर्ग वनमण्डल, दुर्ग (छत्तीसगढ़) में पर्यावरण संरक्षण विषयक विधिक जागरूकता एवं आउटरीच गतिविधियों के तहत एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) के तीन अधिवक्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिविर में दुर्ग एवं धमधा परिक्षेत्र के वन विभाग के अधिकारीगण DFO, CFO, BFO सहित विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी (फील्ड स्टाफ) बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं द्वारा भारतीय वन अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण कानून, वन संपदा एवं वन अधिकार, पशु संरक्षण, वनोपज के संरक्षण एवं सतत उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तारपूर्वक सरल एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का अधिवक्ताओं द्वारा संतोषजनक उत्तर दिया गया। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के पर्यावरण संरक्षण विषयक विधिक जागरूकता शिविरों के आयोजन की आवश्यकता व्यक्त की।
यह विधिक साक्षरता शिविर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं वन कानूनों की समझ को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सफल पहल सिद्ध हुआ।




