Saturday, January 17, 2026

राष्ट्रीय जंबूरी को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित।छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने परोसा फरहापश्चिम बंगाल, उड़ीसा बिहार पंजाब जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश के लोगों ने सराहा

दुर्ग। 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी में छत्तीसगढ़ रायपुर संभाग के प्रतिभागियों ने फूड प्लाज़ा और कला प्रदर्शनी में अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से सभी राज्यों के बीच विशेष पहचान बनाई। फूड प्लाज़ा में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक डिश फरहा को प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत दक्षता और पारंपरिक स्वाद के साथ प्रस्तुत किया गया। साक्षी साहू, अनुष्का शर्मा, गरिमा वर्मा, रिया ठाकुर, आरुषि शाह, ज्योति बंदे, मानवी सोनी और अनुग्रह बंजारे ने मिलकर अपने राज्य की पाक-परंपरा का गौरव बढ़ाया। मोना अली उपस्थित रही।विशेष रूप से साक्षी, गरिमा और आदर्श द्वारा तैयार फरहा ने पंजाब, हरियाणा, जम्मू, उत्तर प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से आए प्रतिनिधियों का मन मोह लिया। फूड प्लाज़ा में आए अतिथियों ने इसकी सरल रेसिपी और पौष्टिकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का पारंपरिक व्यंजन देशभर में लोकप्रिय होना चाहिए। सेंट्रल मैनेजमेंट टीम के एस.एस.एच. जैदी (एल.टी., स्काउट) ने कहा कि उन्होंने पहली बार फरहा का स्वाद चखा और यह एक संपूर्ण, पोषक तथा किफायती भारतीय व्यंजन है जिसे हर घर में बनाया जाना चाहिए।

एग्ज़ीबिशन कला प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों द्वारा बस्तर की विविध, पारंपरिक और अद्वितीय कलाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसने निर्णायक मंडल को अत्यंत प्रभावित किया। निर्णायकों ने कहा कि छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है और यहाँ की जनजातीय कलाएँ भारतीय सांस्कृतिक विरासत का मूल्यवान हिस्सा हैं। प्रदर्शनी ने पूरे जंबूरी परिसर में छत्तीसगढ़ की कलात्मक पहचान को विशेष स्थान दिया।

राष्ट्रीय जंबूरी के उद्घाटन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देशभर से आए स्काउट्स और गाइड्स का स्वागत करते हुए संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि जब युवा राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और समर्पण की भावना से कार्य करते हैं, तब राष्ट्र प्रगति और समृद्धि की दिशा में और अधिक सशक्त होता है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रीय एकता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

रायपुर संभाग छत्तीसगढ़ केंद्रीय विद्यालय संगठन स्काउट की संपूर्ण टीम का नेतृत्व डॉ. अजय आर्य (दुर्ग) द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे पहली बार राष्ट्रीय जंबूरी में शामिल हो रहे हैं और यह आयोजन युवाओं को विविध संस्कृतियों, परंपराओं और मूल्यों से सीखने का श्रेष्ठ अवसर प्रदान करता है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय भाईचारे, संवाद और संस्कृति-परक अनुभवों का महोत्सव बताया।

इस आयोजन में स्काउट्स के प्रमुख अधिकारी गोरा भुवन बाबू (एल.टी., स्काउट), राज्य संगठन आयुक्त, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स; सियाराम यादव, राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (स्काउट); एस.एस.एच. जैदी (एल.टी., स्काउट), दिल्ली कैंट; मनोज कुमार मलिक (एल.टी., स्काउट), (देहरादून); एस.ए. अलीम (एल.टी., स्काउट), ए.एफ.एस. दिगारू (गुवाहाटी); शसी.पी. राजावत (ए.एल.टी., स्काउट), बीना (भोपाल) तथा श्रवण लाल जाट (ए.एल.टी., स्काउट),(जयपुर) उपस्थित रहे और छत्तीसगढ़ टीम के उत्साह एवं प्रस्तुतियों की सराहना की। विभिन्न प्रदेशों के प्रतिभागियों ने फरहा की रेसिपी जानने में उत्सुकता भी दिखाई।

फरहा की सरल रेसिपी

सामग्री
चावल का आटा – 2 कप
बचा हुआ चावल दो कटोरी (ताजा चावल का भी प्रयोग कर सकते हैं)
नमक – स्वादानुसार
हल्दी – ½ चम्मच (वैकल्पिक)
हरा धनिया – बारीक कटा
लहसुन-हरी मिर्च की पेस्ट – 1 चम्मच
आवश्यकता अनुसार पानी

विधि
सबसे पहले एक बर्तन में चावल एवं चावल आटा लें और उसमें नमक, हल्दी और हरी मिर्च, लहसुन पेस्ट मिलाएँ। धीरे धीरे गर्म पानी डालते हुए नरम आटा गूँथ लें। छोटे छोटे लोइयों की गोल या लम्बी टिकिया बनाएँ। एक बड़े भगौने में पानी उबालें और इन फरहा को उबलते पानी में 10–12 मिनट तक पकने दें। पकने पर ये ऊपर तैरने लगते हैं। इन्हें छानकर निकाल लें। चाहे तो हल्के तेल में सरसों, करी पत्ता और हरी मिर्च का तड़का लगाकर भी परोसा जा सकता है। यह अत्यंत पौष्टिक, कम तेल वाला और स्वादिष्ट व्यंजन है।

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