दुर्ग/बालोद। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के प्रबंध निदेशक (MD) भीमसिंह कंवर ने दुर्ग और बालोद जिलों में चल रही महत्वपूर्ण रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना (DA-JGUA) के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेज गति, उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के सख्त निर्देश दिए।
प्रबंध निदेशक के साथ कार्यपालक निदेशक संचारण-संधारण रायपुर जे एस नेताम और मुख्य अभियंता दुर्ग क्षेत्र संजय खंडेलवाल भी मौजूद थे।
प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने बालोद जिले के दल्लीराजहरा स्थित चिखलकसा उपकेंद्र में आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत हो रहे कार्यों का जायजा लिया। केंद्र सरकार द्वारा पोषित यह योजना बिजली वितरण क्षेत्र के लाइन लॉस को कम करने और उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति की गुणवत्ता व विश्वसनीयता सुधारने पर केंद्रित है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्य को त्वरित गति से पूरा करने के निर्देश दिए।

दुर्ग जिले के दौरे में, उन्होंने पाटन के अंतर्गत सोनपुर सबस्टेशन में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्य रूप
फीडर सेग्रिगेशन (Feeder Segregation), फीडर बाईफरगेशन (Feeder Bifurcation) एवं ग्राम कौहि में हुए एलटी एबी केबल (LT AB Cable) के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्य में प्रगति के साथ-साथ गुणवत्ता (Quality) एवं सुरक्षा (Safety) सर्वोपरि होनी चाहिए।

प्रबंध निदेशक ने जिला बालोद के ग्राम गोरकापार में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना (DA-JGUA) के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की। इस योजना के अंतर्गत अविद्युतीकृत बसाहटों अथवा आंशिक रूप से विद्युतीकृत बसाहटों को बीपीएल कनेक्शन प्रदान किया जाना है साथ ही साथ छूटे हुए हाउसहोल्ड को उर्जिकृत किया जाना है।
इस दौरान उन्होंने मैदानी अधिकारियों को बिजली लाइनों के मेंटेनेंस (Line Maintenance) को लेकर सख्त हिदायत दी, ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। समीक्षा के दौरान अधीक्षण अभियंता आर के मिश्रा, कार्यपालन अभियंता प्रोजेक्ट डी के भारती एवं कार्यपालन अभियंता बालोद डिवीजन एस के बंड सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रबंध निदेशक के इस दौरे से दोनों जिलों में चल रहे विद्युत सुधार कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।




