Saturday, January 17, 2026

PWD की टालमटोल पर राजनीतिक भूचाल, विधायक वर्मा ने विधानसभा सचिवालय में दर्ज कराई शिकायत

(यतेंद्र जीत सिंह “छोटू”)खैरागढ़। जिले के कई विभागों में अफसरशाही और मनमाने रवैये की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अधिकारियों की उदासीनता और लीपापोती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इसी कड़ी में लोक निर्माण विभाग (PWD) का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार अब राजनीतिक हलकों में तीखी चर्चा का विषय बन गया है। खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक यशोदा निलाम्बर वर्मा ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे संसदीय विशेषाधिकार का खुला उल्लंघन बताया है।

विधायक ने विधानसभा सचिवालय को पत्र भेजकर विशेषाधिकार हनन का मामला पंजीबद्ध करने की मांग की है। विधायक वर्मा के अनुसार लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को कई बार आधिकारिक पत्रों के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराने हेतु कहा गया लेकिन विभाग लगातार टालमटोल की नीति अपनाता रहा। उन्होंने अपने पत्र में निम्न पत्राचार का उल्लेख किया है पत्र क्रमांक 10/अधि./जानकारी/खैरागढ़ (दिनांक 08/04/2025) पत्र क्रमांक 59/अधि./जानकारी/खैरागढ़ (दिनांक 20/05/2025) पत्र क्रमांक 60/अधि./जानकारी/खैरागढ़ (दिनांक 20/05/2025) स्मरण पत्र क्रमांक 93/अधि./जानकारी/खैरागढ़ (दिनांक 14/06/2025) पुनः पत्र दिनांक 10/11/2025 इन सभी पत्रों के बावजूद विभाग द्वारा अब तक मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

विधायक वर्मा ने लिखा कि विभाग की यह हरकत संसदीय परंपराओं का गंभीर उल्लंघन है। विभाग जानकारी देने से बच रहा है, जो सीधे-सीधे जनप्रतिनिधि विशेषाधिकार का हनन है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस प्रकरण की सूचना सचिव, लोक निर्माण विभाग, महानदी भवन रायपुर को भी भेजी गई थी, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। वर्मा का कहना है कि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा मांगी गई वैधानिक जानकारी को निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध न कराना अत्यंत गंभीर मामला है। यदि विधानसभा सचिवालय इसे विशेषाधिकार हनन मान लेता है तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई संभव है। मामले के सार्वजनिक होने के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा सत्र में भी मजबूती से उठ सकता है। अपने पत्र के अंत में विधायक वर्मा ने आग्रह किया है कि विशेषाधिकार हनन का प्रकरण दर्ज कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।।

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