दुर्ग/सुपेला। शेयर ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का लालच देकर 77 लाख रुपये की ठगी करने वाली ऐरिना कौप्टिल कंपनी का भंडाफोड़ करते हुए सुपेला पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
प्रार्थी प्रिंस चंद्राकर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कंपनी के ऑफिस में दबिश दी, जहां से जयंत कुमार और अरुण सरकार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
दिनांक 19.11.2025 को प्रार्थी प्रिंस चंद्राकर (38 वर्ष), निवासी गौरी नगर, धमतरी द्वारा थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई कि ऐरिना कौप्टिल कार्यालय, स्मृति नगर सुपेला के संचालक योगेश साहू, प्रबंधक मेघा साहू, कलेक्शन एजेंट/अकाउंटेंट गौरव साना, डेटा एंट्री ऑपरेटर जयंत कुमार, तथा स्टाफ अरुण सरकार द्वारा उन्हें शेयर ट्रेडिंग में 10% प्रतिमाह मुनाफा देने तथा निवेश की गई रकम को दोगुना कर लौटाने का लालच दिया गया।
आरोपियों ने अवैध प्रलोभन, झूठे प्रलोभन और षड्यंत्रपूर्वक ठगी करके यतीन्द्र चंद्राकर से कुल 77 लाख रुपये हड़प लिए। शिकायत पर थाना सुपेला में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई – आरोपी गिरफ्तार, कार्यालय से भारी सामग्री जब्त
विवेचना के दौरान सुपेला पुलिस ने ऐरिना कौप्टिल कार्यालय में दबिश दी, जहां से जयंत कुमार और अरुण सरकार को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया।
कार्यालय से निम्न सामग्री जप्त की गई—
- 19 नग कंपनी के सील/स्टाम्प
- 1 नग ऑफिस में लगे CCTV कैमरे का DVR
- 8 नग कंपनी के फोटो फेम
- 2 नग ऑफिस बैनर/पोस्टर
- 4 नग CPU, 5 नग मॉनिटर, 3 माउस, 3 कीबोर्ड, 3 प्रिंटर
- 1 नग नोट गिनने की मशीन
- 2 मोबाइल फोन

जांच में यह साबित हुआ कि आरोपीगण—योगेश साहू, मेघा साहू, गौरव साना, जयंत कुमार एवं अरुण सरकार—ने संगठित गिरोह बनाकर लाखों रुपए निवेश कराने और रकम दोगुना लौटाने का झांसा देकर प्रारूपित तरीके से धोखाधड़ी की है।
इस पर प्रकरण में धारा 111(4) अतिरिक्त रूप से जोड़ी गई।
दिनांक 20.11.2025 को दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
अन्य फरार आरोपियों की सक्रिय तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
- अरुण कुमार सरकार, उम्र 64 वर्ष
- जयंत कुमार, उम्र 32 वर्ष
कार्यवाही में शामिल अधिकारियों/कर्मचारियों का योगदान
- निरीक्षक विजय कुमार यादव,
- उनि दीपक चौहान,
- उनि धनेश्वर साहू,
- सउनि संतोष मिश्रा,
- प्र.आर अमर सिंह,
- योगेश चंद्राकर, रामनारायण यदु,
- आर. सूर्यप्रताप सिंह,
- प्रीतम सिंह, दुर्गेश सिंह,
- धर्मेंद्र सूर्यवंशी व प्रदीप सिंह
का प्रकरण का सफल खुलासा करने में उल्लेखनीय योगदान रहा।




