बोकारो,बोकारो जनरल अस्पताल के निजीकरण की प्रक्रिया शुरु होने के समाचार से बिजीएच कर्मियों सहित पुरे बीएसएल में चर्चा का बाजार गर्म है। जिसके बाद आक्रोशित बीजीएच कर्मियों के साथ बीएकेएस के प्रतिनिधियों ने बीजीएच कैंटीन में मीटिंग किया है। बीजीएच के साथ साथ सेल के अन्य यूनिटो में स्थित अस्पतालो के भी निजीकरण की प्रक्रिया शुरु किया गया है। जिसके कारण सभी यूनिटो में कर्मचारी तथा यूनियने आक्रोशित है। एक तरफ केंद्र तथा अन्य राज्य सरकारे अच्छे चिकित्सको को बहाल करने के लिए मुहमाँगा वेतन का टेंडर कर रही है तो दूसरी तरफ सेल प्रबंधन अरबो की संपत्ति वाले अस्पतालों का निजीकरण कर रही है। इस खबर को सूनने के बाद सभी बीएसएल कर्मी आक्रोशित है, शैक्षणिक व्यवस्था के निजीकरण का दुष्प्रभाव सभी सेल कर्मी झेल ही रहे हैं वैसे में चिकित्सीय सेवा का निजीकरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
यूनियन द्वारा उठाए गए सवाल

1 . निजी अस्पतालो द्वारा दिया गया सेवा क्या गुणवत्तायुक्त तथा कम खर्चिला कैसे होगा ?
2 . जोखिम भरे इस्पात उत्पादन में दुर्घटना होने पर क्या गुणवत्ता युक्त तुरंत सेवा दिया जायेगा ?
3 . इतने बड़े भवन/इंफ्रास्ट्रक्चर तथा प्रशिक्षित मैनपावर को बेहतर करने की जगह खराब क्यो किया जा रहा है ?
4 . जाँच मशीनो की खरीद की जगह रेफर व्यवस्था को क्यो बढ़ावा दिया जा रहा है?
5 . राज्य सरकार के तर्ज पर विशेषज्ञों चिकित्सो को मुहमाँगे वेतन पर नियूक्त क्यो नही किया जा रहा है ?
6 . वर्तमान प्रशिक्षित कर्मचारियों के भविष्य के साथ क्यो खिलवाड़ किया जा रहा है ?
7.एक ही विभाग में आवश्यकता से अधिक चिकित्सकों की तैनाती क्यों किया गया है ?
8.आवश्यक सेवाओं में आने वाले मैनपावर जैसे तकनीशियन, तथा नर्सिंग स्टाफ की गुणवत्ता/प्रशिक्षण जांचे बिना ही उन्हे कैसे नियोजन दिया जा रहा है?
9 . क्या कारण है कि स्पेशलिस्ट/सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक bgh क्यों छोड़ दे रहे है ?
10.अच्छे चिकित्सकों को सेवा में बनाए रखने के लिए कार्यप्रणाली में सुधार क्यो नही किया जा रहा है ?
यूनियन के अनुसार अगर प्रबंधन के तथाकथित योग्य मैनेजर ऐसे प्रश्नो का उत्तर ढूंढ लेते तो संयंत्र के किसी भी विभाग /अनुभाग को निजीकरण/आउटसोर्शिंग की आवश्यकता ही नही होती बल्कि गुणवत्ता युक्त अस्पताल का संचालन सरल हो जाता।
BAKS अपने सभी कर्मचारियों साथियों को स्पष्ट करती है कि BGH के निजीकरण का पुरजोर विरोध होगा इसमें कोई संदेह न रहे किसी को, बोकारो इस्पात श्रमिकों,रिटायर्ड कर्मचारियों तथा बोकारो वासियों के स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा यह प्रबंधन समझ ले। आज की बैठक में यूनियन पदाधिकारियों के साथ सैकड़ों की संख्या में अस्पताल के कर्मचारी उपस्थित थे ।
बयान,
यह दुर्भाग्यपुर्ण है कि मैनपावर यूटिलाईजेशन तथा सटिस्फैक्शन की जगह निजीकरण को प्रबंधकीय गुण समझा जा रहा है। अगर सेल प्रबंधन के उच्च अधिकारी खुद को योग्य प्रबंधक समझते है तो वर्तमान प्रशिक्षित मैनपावर के दम पर ही बेहतर आउटपुट दे कर दिखाए । कर्मचारी कंपनी के लड़ने मरने के लिए तैयार है परंतु एसी कमरे में बैठ कर नीति बनाने वाले निजीकरण को प्रबंधकीय क्षमता बता रहे है।
हरिओम, अध्यक्ष, बीएकेएस बोकारो।




