Friday, January 16, 2026

बिहार चुनाव 2025 का पहला चरण: 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान शुरू, 3.75 करोड़ मतदाता करेंगे लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा

पटना/खबर आलोक ब्यूरो।बिहार में आज से विधानसभा चुनाव 2025 की सबसे बड़ी सियासी परीक्षा शुरू हो गई है। राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग जारी है। सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें दिखीं —
कहीं युवाओं का उत्साह तो कहीं बुजुर्गों का समर्पण लोकतंत्र के इस पर्व को यादगार बना रहा है।

121 सीटों पर 3.75 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान

पहले चरण में कुल 3 करोड़ 75 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
इनमें 10.72 लाख नए मतदाता हैं,
जबकि 7.78 लाख मतदाता 18 से 19 वर्ष की आयु वर्ग में हैं।
इस चरण में कुल 1,314 उम्मीदवारों की सियासी किस्मत EVM में कैद हो जाएगी।

दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

आज जिन इलाकों में मतदान हो रहा है, वहां कई सियासी सूरमाओं की प्रतिष्ठा दांव पर है —

तेजस्वी यादव के प्रभाव वाले इलाकों में राजद की साख पर सवाल।

सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र में एनडीए के लिए यह “प्रतिष्ठा की लड़ाई” बन चुकी है।

मोकामा और बाढ़ क्षेत्र में बाहुबली अनंत सिंह का असर अब भी बना हुआ है, भले वे चुनावी मैदान में न हों।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इन क्षेत्रों का नतीजा पूरे बिहार के सत्ता समीकरण को प्रभावित करेगा।

कहां हो रहा मतदान

मतदान हो रहे 18 जिलों में प्रमुख हैं —
औरंगाबाद, गया, नवादा, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, बक्सर, भोजपुर, सासाराम, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना ग्रामीण, सिवान, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर।
कई सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का है।

बाहुबली बनाम विकास: सियासी जंग चरम पर

इस चरण में लगभग 40 सीटों पर बाहुबलियों या उनके समर्थित प्रत्याशियों का दबदबा है।
सिवान, गोपालगंज और नवादा जैसे जिलों में “मसल पावर बनाम विकास” की जंग चरम पर है।
वहीं, कई जगह युवा प्रत्याशी पहली बार मैदान में उतरकर पुराने समीकरणों को चुनौती दे रहे हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

चुनाव आयोग ने सुरक्षा को लेकर इस बार किसी भी लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी है।
राज्यभर में कुल 45,341 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से लगभग आधे संवेदनशील और अति-संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
करीब 2.5 लाख सुरक्षा कर्मी तैनात हैं।
हर मतदान केंद्र पर CCTV और वेबकास्टिंग की निगरानी हो रही है।
पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पक्षपात की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करें।

पहले चरण के आंकड़े एक नज़र में

विवरण आंकड़े

कुल जिले 18
कुल विधानसभा सीटें 121
कुल मतदान केंद्र 45,341
कुल मतदाता 3.75 करोड़
नए मतदाता 10.72 लाख
18–19 वर्ष के मतदाता 7.78 लाख
कुल उम्मीदवार 1,314
महिला उम्मीदवार 122
संवेदनशील सीटें 42
अतिसंवेदनशील सीटें 18

खबर आलोक का राजनीतिक विश्लेषण

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह चरण बिहार की सियासत की दिशा तय करेगा।
एनडीए जहां “विकास और सुशासन” के मुद्दे पर मैदान में है,
वहीं महागठबंधन बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर जनता का मूड बदलने में जुटा है।
युवाओं की भूमिका निर्णायक हो सकती है, क्योंकि नए मतदाताओं की संख्या इस बार रिकॉर्ड स्तर पर है।

निष्कर्ष: EVM में बंद हुई सियासी किस्मत

पहले चरण का मतदान बिहार के लिए सिर्फ एक चुनाव नहीं,
बल्कि भविष्य की सरकार की दिशा तय करने वाला निर्णायक मोड़ है।
तेजस्वी, सम्राट और अनंत सिंह के इलाकों की वोटिंग ने माहौल गर्मा दिया है।
अब जनता का फैसला 3 दिसंबर को सामने आएगा,
जब यह तय होगा कि बिहार फिर “सुशासन” की राह पर चलेगा या “परिवर्तन” की लहर उठेगी।

रिपोर्टर – संदीप सिंह
खबर आलोक डिजिटल डेस्क, पटना
“पहले चरण की जंग – बाहुबल बनाम विकास की निर्णायक परीक्षा”

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