Sunday, January 18, 2026

छत्तीसगढ़ मातृशक्ति संगठन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस मनाया गया

   छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा अर्चना कर राजकीय गीत प्रस्तुत किया गया। स्वागत गीत  आर के पाल द्वारा गाया गया 

भिलाई। छत्तीसगढ़ मातृशक्ति संगठन के संरक्षक राजेंद्र परगनिहा ने पृथक छत्तीसगढ़ की कल्पना पर प्रकाश डाला। उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्वप्नदृष्टा डाॅ. खूबचंद बघेल , सांसद चन्दुलाल चंद्राकर , कामरेड शंकर गुहा नियोगी के संघर्षों बखान करते हुए नये भारत के लिए नए छत्तीसगढ़ का निर्माण इन महान पुरखों ने किया है। मजदूरों, गरीबों, दलित, आदिवासियों, पिछड़ा वर्गों के लिए के लिए सतत् संघर्ष, छत्तीसगढ़ राज्य की परिकल्पना को आकार दिया।

परगनिहा ने उसी दिन छत्तीसगढ़ मातृशक्ति संगठन की स्थापना कर हम आजीवन भारत के संविधानिक मूल्यों के लिए सतत् संघर्ष करने , सामाजिक बुराइयों प्राथमिकता के तौर पर नशा उन्मूलन की दिशा में हर संभव प्रयास करते रहेंगे संकल्प दिलवाये । इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मातृशक्ति संगठन द्वारा लघु नाट्य *छत्तीसगढ़ ल बचा बोन प्रस्तुत किए, डालिया ढ़ाले, पल्लवी ठाकुर, नोमिन साहू पार्षद, ममता वर्मा, आर के चौबे, चन्द्रशेखर अधिकारी, पी आर वर्मा, रामलाल स्वर्णकार, शिखर परगनिहा ने छत्तीसगढ़ राज्य की दशा और दिशा पर अपनी विचार रखें । मंच संचालन चन्द्रकला तारम और समापन बी. पी. चौरसिया सर ने किए ।

अश्लेष मरावी, माधुरी अहिवार, गोमती वर्मा, भुनेश्वरी नायक, लोकेश्वरी ध्रुव, अन्नु जांगड़े, निर्मला चतुर्वेदी, कनकलता नाग, प्रतिमा दामले, किरण घुसिया, सावंत राम बंजारे, एच पी तिवारी, जनक लाल साहू, डी एस साहू, एन आर बंजारे, राजेन्द्र कुमार शर्मा, किशोर कुमार बोरकर, टेसू राम देवांगन, आर एस ठाकुर, एस एल चंद्रवंशी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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