केंद्रीय विद्यालय के छात्र पहुंचे फील परमार्थम फाउंडेशन
भिलाई। पीएम योजना के अंतर्गत सामूहिक सहभागिता (कम्युनिटी पार्टिसिपेशन) गतिविधि के तहत केंद्रीय विद्यालय भिलाई के लगभग 200 विद्यार्थियों ने सेक्टर-3 स्थित फील परमार्थम फाउंडेशन का भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज की सच्ची तस्वीर से परिचित कराना और उनमें मानवीय संवेदनाओं, सहानुभूति तथा सेवा-भाव को जागृत करना था।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अजय आर्य ने कहा कि सेवा की सच्ची शुरुआत तब होती है जब हम किसी अनजान चेहरे की मुस्कान का कारण बनते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री पीएम श्री योजना के अंतर्गत विद्यालय में 30 से अधिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिनमें सामूहिक सहभागिता जैसी पहल विद्यार्थियों को संवेदना और मानवीय मूल्य से जोड़ती है।
विद्यालय के प्राचार्य उमाशंकर मिश्रा ने विद्यार्थियों के अनुभव सुनते हुए कहा कि यह भ्रमण केवल एक सामाजिक यात्रा नहीं बल्कि आत्मा को झकझोर देने वाला अनुभव था। जब बच्चे समाज की वास्तविकताओं को करीब से देखते हैं तो उनके भीतर सहानुभूति, जिम्मेदारी और योगदान की भावना स्वतः विकसित होती है, यही सच्ची शिक्षा का उद्देश्य है। उल्लेखनीय है कि पीएम केंद्रीय विद्यालय दुर्ग द्वारा फाउंडेशन को ₹10000 राशि का दैनिक उपयोग में लाने वाला राशन भी प्रदान किया गया।

फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष अमित राज ने विद्यार्थियों को संस्था की प्रेरक यात्रा से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि संस्था की शुरुआत वर्ष 2018 में तब हुई, जब उन्होंने एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को कूड़ेदान से भोजन करते देखा। उस घटना ने उनके भीतर गहरी संवेदना जगाई और उन्होंने कुछ करने का संकल्प लिया। भिलाई के नौ होटलों से साझेदारी कर वे रोजाना सड़कों पर रहने वाले लोगों को भोजन देने लगे। बाद में महसूस हुआ कि केवल भोजन देना काफी नहीं है, उन्हें स्थायी आश्रय, इलाज और सुरक्षा की आवश्यकता है। सांसद विजय बघेल के प्रयासों से वर्ष 2020 में फाउंडेशन को बीएसपी का एक भवन किराए पर मिला और नवंबर 2020 में इसका उद्घाटन किया गया। आज यहाँ 88 बेसहारा बुजुर्ग और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोग निवासरत हैं। अब तक 41 लोगों को उनके परिवार से मिलाया गया है और 38 लोगों का अंतिम संस्कार संस्था के माध्यम से किया गया है।
संस्थान के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों की भावनाएँ उमड़ पड़ीं। अथर्व, नैतिक, श्रीयश, निखिल, रक्षित, आस्था, जिज्ञासा, श्रेयशा, एमा, तनुषा, तनुश्री, सिद्धि, ध्वनि, पलक सिंह, ध्रुवी और अर्चना जैसे विद्यार्थियों ने वहाँ उपस्थित वृद्धजनों से आत्मीय संवाद किया और सेवा के कार्यों में भाग लिया। छात्र अथर्व ने कहा- “यहाँ आकर समझ आया कि सच्ची खुशी किसी जरूरतमंद की मदद करने में है, अब मैं हर माह अपनी जेबखर्च से कुछ धनराशि परोपकार के लिए निकालूँगा।” छात्रा जिज्ञासा ने कहा—“आज हमने देखा कि सेवा केवल दान नहीं, बल्कि भावना है। अब जीवन का अर्थ केवल अपने लिए जीना नहीं बल्कि दूसरों के लिए जीना भी है।” श्रेयशा, पलक और आस्था ने कहा- ‘हम अपने जन्मदिन जैसी विशेष तिथियों पर ऐसी संस्थाओं में आकर सेवा करेंगे।’ वहीं ध्वनि और तनुश्री ने कहा- ‘यह देखकर मन भर आया कि कोई टीम इतने प्रेम से बेसहारा लोगों का सहारा बन रही है, हम भी आगे चलकर ऐसे प्रयासों से जुड़ना चाहते हैं।’ विद्यार्थियों की इन भावनाओं ने वातावरण को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम का दायित्व अजय आर्य, मीनाक्षी चंद्राकर, टकेश्वर साहू, संजू, सतीश धीवर, वसुधा तिवारी, राजेश चंद्राकर और रचना पाल ने निभाया। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अनुशासन, सुरक्षा और सेवा के भाव से जोड़े रखने में सराहनीय भूमिका निभाई। पीएम योजना के प्रभारी तोशन लाल साहू भी कार्यक्रम में शामिलहुए। अंत में प्राचार्य उमाशंकर मिश्रा ने फाउंडेशन के संस्थापक अमित राज और विद्यालय टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य के भारत का निर्माण केवल पुस्तकों से नहीं बल्कि करुणा और कर्म से होगा। कार्यक्रम के आयोजन में बीएसएफ के अधिकारियों ने सहयोग किया।
क्या है फील परमार्थम फाउंडेशन
भिलाई स्थित फील परमार्थम फाउंडेशन एक सेवा संस्था है, जो सड़कों पर रहने वाले बेसहारा, मानसिक रूप से विक्षिप्त और असहाय लोगों को आश्रय, भोजन, चिकित्सा और पुनर्वास की सुविधा प्रदान करती है। संस्था की स्थापना वर्ष 2018 में हुई थी। इसके संस्थापक अध्यक्ष अमित राज हैं, जिन्होंने अपने साथियों के सहयोग से सैकड़ों असहाय लोगों को नया जीवन दिया है। संस्था का उद्देश्य है- ‘कोई भी बुजुर्ग या मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति सड़कों पर बेसहारा न रहे।’





