धनोरा में आयोजित होने वाली कथा आज से 29 अक्टूबर तक आनलाइन सुनाई जा रही है।लेकिन यजमान के स्थान पर दिल्ली वालो को बैठाया
भिलाईनगर। धनोरा में 25 अक्टूूबर से 29 अक्टूबर तक पं. प्रदीप मिश्रा की शिवमहापुराण की कथा रखी गई थी। लगातार बारिश के चलते प्रस्तावित कथा स्थल की जमीन गीली होने के कारण यहां पंडाल लगाना संभव नहीं था। यह कथा आज से 29 अक्टूबर तक आनलाइन हो रही है। धनोरा से 200 श्रद्धालुओं का जत्था शुक्रवार को तीन बसों में सीहोर पहुंच गया है। लेकिन सीहोर में आयोजन समिति ने धनोरा के यजमान से स्थान पर दिल्ली से पहुंचे यजमानों को बैठा दिया है, जिससे धनोरा के यजमान साहू परिवार और श्रद्धालुओं में भयंकर नाराजगी है।
ज्ञात हो कि दामोदर प्रसाद साहू ने धनोरा में सुप्रसिद्ध कथा वाचक पं.प्रदीप मिश्रा की कथा रखी थी। लेकिन जमीन गीली होने के कारण कथा को आनलाइन कराने का निर्णय लेना पड़ा। यह कथा पं.प्रदीप मिश्रा सीहोर से ही सुनाएंगे। इसकी शुरुआत कल 25 अक्टूबर को दोपहर 1 से हुई। 26 अक्टूबर से नियमित रूप से दोपहर 2 बजे से 5 बजे कथा चल रही है। दामोदर प्रसाद साहू, ओमप्रकाश साहू, रविकांत साहू, उमेद साहू आदि के नेतृत्व में तीन बसों में करीब 200 श्रद्धालुओं का जत्था सीहोर के लिए गया है। धनोरा में ही जानकी मंगलम भवन में एक बड़ी स्क्रीन लगाकर आनलाइन कथा सुनाने की व्यवस्था भी की गई है।
सिहोर में धनोरा के यजमान दामोदर प्रसाद साहू ओमप्रकाश साहू व उनके परिवार वालो ने बताया कि समिति ने 5दिन का पैसा लिया और लेकिन इस बीच दिल्ली के एक परिवार को भी यजमान बना दिया। यजमान की जगह में उन्हें बिठा दिया गया। इस बात को लेकर धनोरा के यजमान परिवार और श्रद्धालुओं में भयंकर नाराजगी है।पंडित प्रदीप मिश्रा के सामने भी यजमान परिवार ने नाराजगी जताई है। यहां उल्लेखनीय है कि कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आयोजन को लेकर डोंगरगांव , राजनांदगांव और निकुम में भी भुगतान को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी




