भिलाई। आज मेहनतकश आवास अधिकार संघ और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा – मज़दूर कार्यकर्ता समिति द्वारा संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि भिलाई के हास्पिटल सेक्टर में निवासरत सैकड़ों परिवारों की आज संपदा न्यायालय में महत्वपूर्ण पेशी थी। इन परिवारों की ओर से हाईकोर्ट अधिवक्ता अमित और देवेश ने न्यायालय के समक्ष यह स्पष्ट रूप से कहा कि जिन बेदखली नोटिसों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, वे न केवल प्रक्रिया की दृष्टि से त्रुटिपूर्ण हैं, बल्कि अधिकांश निवासियों को वह नोटिस मिला ही नहीं है, जिसके कारण वे अपना पक्ष भी नहीं रख पाए हैं।
न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 25 अक्टूबर 2025 तय की है, जिसमें सभी प्रभावित नागरिकों को उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
आज की सुनवाई के दौरान हास्पिटल सेक्टर से सैकड़ों की संख्या में मज़दूर और स्थानीय निवासी संपदा कार्यालय पहुँचे। इनका एकमात्र और स्पष्ट मांग था —
“हमें उजाड़ा न जाए, हमें वहीं पर आवास दिया जाए जहाँ हम दशकों से रह रहे हैं।”

10 एकड़ ज़मीन की मांग — एक व्यावहारिक समाधान
संघ की ओर से यह भी मांग की गई कि भिलाई स्टील प्लांट (BSP) द्वारा हास्पिटल सेक्टर की 10 एकड़ भूमि नगर निगम भिलाई को आवंटित कर दी जाए ताकि वर्तमान में जहाँ लोग रह रहे हैं, वहीं पर उन्हें स्थायी आवास मुहैया कराया जा सके। इससे न केवल उनका सिर पर छत बनी रहेगी, बल्कि उनका रोज़गार, बच्चों की शिक्षा और सामाजिक जीवन भी प्रभावित नहीं होगा।
बच्चों की भी गुहार — “हमारा स्कूल छीनो मत”
हास्पिटल सेक्टर में प्राथमिक से लेकर बारहवीं कक्षा तक पढ़ने वाले लगभग 300 बच्चे हैं। बेदखली की स्थिति में उनकी शिक्षा अधर में लटक जाएगी। बच्चों ने भी आज अपने परिजनों के साथ पहुँचकर अपनी आवाज़ बुलंद की।
“हमारा स्कूल, हमारे सपने, हमारी ज़िंदगी — सब कुछ छिन जाएगा अगर हमें यहाँ से निकाला गया।”

यह स्थिति आने वाली दीपावली को मातम में बदल सकती है। इन निवासियों का कहना है कि यदि उचित समाधान नहीं निकला तो उनके घरों का दीया भी आँसुओं से बुझ जाएगा।
उच्च न्यायालय में सुनवाई — 13 अक्टूबर 2025
इस मामले को लेकर आगामी 13 अक्टूबर 2025 को बिलासपुर उच्च न्यायालय में सुनवाई होनी है, जिसमें न्याय की उम्मीद लिए ये मेहनतकश परिवार एकजुट होकर अपनी लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं।
सरकार से अपील
हम छत्तीसगढ़ सरकार से अत्यंत विनम्रता से अपील करते हैं कि भिलाई संयंत्र को तुरंत पत्र जारी कर हास्पिटल सेक्टर की 10 एकड़ भूमि नगर निगम भिलाई को हस्तांतरित करने की मांग करें, ताकि इन मेहनतकश नागरिकों का जीवन और भविष्य सुरक्षित हो सके।
आज की उपस्थिति
आज की पेशी के दौरान हास्पिटल सेक्टर से चमेली, सारदा, सिंदुरिया, मैरी, राजम्मा, मोहन, अनुसुइया, संजना, भावना, सुधा, ब्रह्म, तथा कलादास डेहरिया सहित सैकड़ों की संख्या में निवासी मौजूद रहे और अपने अधिकारों की आवाज़ बुलंद की।




