Sunday, January 18, 2026

बिहार से शुरू हुआ चुनाव सुधार का महाअभियान, देशभर के BLOs लेंगे प्रेरणा..

बिहार ने दिखाया चुनाव सुधार का नया रास्ता – मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि “बिहार ने एक बार फिर लोकतंत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है।
उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत बूथ स्तर पर मतदाता सूची को शुद्ध करने का कार्य देश में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर सफलतापूर्वक पूरा हुआ है।

उन्होंने कहा, “जैसे वैशाली ने देश को गणतंत्र दिया था, वैसे ही बिहार के बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने SIR के माध्यम से चुनाव सुधार में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अब देशभर के BLO बिहार से प्रेरणा लेंगे।”

मतदाता सूची का ऐतिहासिक शुद्धीकरण

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि 22 वर्षों के बाद बिहार में मतदाता सूची का वास्तविक ‘शुद्धीकरण’ हुआ है। अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और योग्य मतदाता अब नामांकन की समाप्ति से दस दिन पूर्व तक फॉर्म-6 या फॉर्म-7 के माध्यम से नाम दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि SIR का कार्य 24 जून 2025 से शुरू हुआ था, और सभी जिलों में समय पर इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस कार्य में लगे 90,000 से अधिक बीएलओ को आयोग ने सम्मानित किया।

2025 विधानसभा चुनाव के लिए नई व्यवस्थाएँ

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए 17 नई पहलें लागू की जाएंगी, जो आगे चलकर पूरे देश के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगी।
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं –

  • किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे।
  • 100 प्रतिशत बूथों पर वेबकास्टिंग की जाएगी।
  • मतदान केंद्रों में मोबाइल फोन बूथ के बाहर रखना अनिवार्य होगा।
  • ईवीएम और VVPAT में किसी भी मिसमैच की स्थिति में संबंधित सभी VVPAT पर्चियों की गिनती की जाएगी।
  • पोस्टल बैलेट की गिनती ईवीएम के अंतिम दो राउंड से पहले पूरी की जाएगी।
  • प्रत्याशियों को अपने आपराधिक रिकॉर्ड का पूर्ण खुलासा करना अनिवार्य होगा।
  • प्रत्येक जिले में उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की निगरानी हेतु एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर की नियुक्ति की जाएगी।

मतदाताओं से अपील

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि “बिहार में लोकतंत्र का महापर्व छठ महापर्व की तरह मनाया जाना चाहिए।”
उन्होंने भोजपुरी और मैथिली में मतदाताओं से आग्रह किया कि वे पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मतदान करें और लोकतंत्र को सशक्त बनाएं।

राजनीतिक दलों से आग्रह

सीईसी ने बताया कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों की सूची डीएम स्तर पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सौंप दी गई है। यदि किसी को आपत्ति है तो वह इसे शुद्ध करवा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्याशी मॉक पोल प्रक्रिया में सक्रिय रहें और अपने पोलिंग एजेंट्स को फॉर्म 17C के अनुसार कुल मतों की जांच करने का निर्देश दें।

बीएलओ को विशेष सम्मान

आयोग ने इस अवसर पर घोषणा की कि BLOs के भत्ते में वृद्धि की गई है, और अब उन्हें विशेष पहचान पत्र (आईकार्ड) भी जारी किया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “बूथ लेवल ऑफिसर्स ने बिहार में लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अद्वितीय योगदान दिया है। आयोग उनके समर्पण को नमन करता है।”

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