Thursday, January 15, 2026

कथक नृत्य पर शोध के लिए तृप्ति चैतेन्द्र तिवारी को पीएचडी उपाधि..

खैरागढ़/(यतेंद्र जीत सिंह “छोटू’) : नगर की प्रतिष्ठित कला साधिका एवं राज फैमिली वार्ड निवासी तृप्ति चैतेन्द्र तिवारी ने अपनी शैक्षणिक यात्रा में एक और उपलब्धि दर्ज की है।। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ ने उन्हें पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया है।।


शुक्रवार 25 सितंबर को विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार तृप्ति चैतेन्द्र तिवारी ने कथक नृत्य के विकास में छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक संस्थाओं में कार्यरत महिला कलाकारों का योगदान विषय पर शोध कार्य पूर्ण किया। यह शोध विवि के कथक नृत्य विभाग में पदस्थ मार्गदर्शक डॉ. जीतेश गढ़पायले के निर्देशन में संपन्न हुआ।।


जिला पत्रकार संघ संरक्षक एवं हरिभूमि खैरागढ़ संवाददाता चैतेन्द्र तिवारी (बंटी) की धर्मपत्नी तृप्ति चैतेन्द्र तिवारी ने अपनी इस उपलब्धि को जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए,इसका श्रेय पूर्व कुलपति प्रो.डाक्टर मांडवी सिंह, मामा स्व. शंकर सिंह राजपूत, माता सरिता रानी तिवारी, सास कृष्णादेवी रामकृष्ण तिवारी, अपनी दोनों सुपुत्रियां अनन्या व अभिज्ञा, गुरुजनों, विवि परिवार सहित परिजनों को समर्पित किया।। गौरतलब है कि बाल्यावस्था से तृप्ति चैतेन्द्र तिवारी कत्थक नृत्य की शिक्षा ले रही है।।
आठ वर्षीय डिप्लोमा कोर्स के बाद उन्होंने कत्थक नृत्य मे बीए. एमए और एम फिल किया ।। उसके बाद कत्थक गुरु डॉ जितेश गढ़पायले के मार्गदर्शन मे शोध कार्य पूरा किया है।। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि खैरागढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और यहां की कला-परंपरा के लिए भी गर्व का विषय है।।

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