Saturday, January 17, 2026

21 महीनों में फूटी कौड़ी नहीं आया अब 10 महीनों में 7 लाख करोड़ निवेश का झांसा….

नए निवेश का दावा झूठा, भाजपा सरकार की दुर्भावना से छत्तीसगढ़ में उद्योग व्यवसाय दम तोड़ रहे हैं…….

रायपुर। वेलनेश, हेल्थ केयर और पर्यटन के क्षेत्र में 7 लाख करोड़ के नए निवेश के दावे को तथ्यहीन करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि विगत 21 महीनों की भाजपा सरकार ने नए निवेश के मामले में चवन्नी नहीं आया है और दावे 7 लाख करोड़ के? मुख्यमंत्री जापान और दक्षिण कोरिया घुम आए, डिप्टी सीएम अरुण साव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी अमेरिका गए, औद्योगिकरण और नए निवेश के लिए विदेशी उद्यमियों को आमंत्रित करने के बड़े बड़े दावे किए गए लेकिन नतीजा शून्य रहा। जमीनी हकीकत सरकार के दावे के विपरीत है, नए उद्योग लगना तो दूर भाजपा सरकार की दुर्भावना पूर्वक नीतियों के चलते पहले से संचालित उद्योग दम तोड़ रहे हैं।

भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि छत्तीसगढ़ में जून 2025 तक 18940 पंजीकृत कम्पनियां संचालित थी, जिसमें से 4288 कम्पनियां बंद क्यों हो गई? यहां पूर्व में संचालित स्पंज आयरन, रोलिंग मिलें, राइस मिल, सहकारी शक्कर कारखाने, एथेनॉल प्लांट सरकार की उपेक्षा और उद्योग विरोधी नीतियों के चलते बंद हो गए हैं। सरकार को यह भी बताना चाहिए कि विगत 21 महीनों में कितने अस्पताल, फार्मा उद्योग और ट्रैवल कंपनीया बंद हुए हैं?प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कृषि और वनोपज प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स में बेहतर काम पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय हुआ था, प्रदेश ने औद्योगिक उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभाई। सीमेंट और स्टील के उत्पादन में नए कीर्तिमान रचे गए लेकिन भाजपा की सरकार बनते ही विगत 21 महीनों के दौरान चार-चार बार बिजली के दाम बढ़ा दिए गए।

आज हालात यह है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक बिजली की दरें हमारे पड़ोसी राज्य उड़ीसा, झारखंड और मध्य प्रदेश की तुलना में छत्तीसगढ़ के उद्योगों को डेढ़ गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। कांग्रेस सरकार के दौरान बनाए गए उद्योगनीति को दुर्भावना पूर्वक बदल दिया जिसके चलते प्रदेश में संचालित स्थानीय उद्योग व्यवसाय दम तोड़ने लगे हैं। एक तरफ यह सरकार छत्तीसगढ़ के स्थानीय उद्योग, लघु तथा कुटीर उद्योग और गौठानो में संचालित रूरल इंडस्ट्रियल पार्क “रीपा“ परियोजना को बर्बाद करने में तुली हुई है दूसरी तरफ बाहरी उद्यमियों को आमंत्रित करने का ढोंग कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में आयुष्मान योजना के तहत किए गए इलाज का भुगतान तक यह सरकार अस्पतालों को नहीं कर पा रही है, पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के दौरान शुरू किए गए धार्मिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण योजना “राम वन गमन पथ“ के विस्तार का काम इस सरकार ने दुर्भावना पूर्वक रोक दिया हैं।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार छत्तीसगढ़ में उद्योगों के अनुकूल माहौल बना पाने में पूरी तरह नाकाम रही और अपनी नाकामी से जनता का ध्यान भटकने के लिए नए नए इवेंट कर रहे हैं। भाजपा की सरकार के दौरान विगत 21 महीनों में छत्तीसगढ़ में हजारों की संख्या में उद्योग बंद हुए जिससे लाखों युवा बेरोजगार हो गए हैं।

रोजगार सृजन के मामले में यह सरकार पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है। भाजपा सरकारों की आर्थिक कुप्रबंधन और गलत विदेश नीति के चलते ट्रंप टैरिफ जैसी अंतराष्ट्रीय समस्याओं से एक्सपोर्ट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मेडिकल और फार्मा उद्योग पर भी सरकार की गलत नीतियों का बुरा असर पड़ रहा है। आयुष्मान कार्ड के भुगतान लंबित होने से छोटे अस्पतालो में तालाबंदी की नौबत आ गई है, पूर्व से संचालित अस्पताल नहीं चल पा रहे हैं, उनकी समस्या दूर करने के बजाय सरकार नए निवेश को खोखले दावे कर रही हैं। भाजपा के लिये उद्योग का तात्पर्य केवल अडानी का एकाधिकार है।

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