Sunday, January 18, 2026

सदगुरु आपके जीवन की राह पर सही दिशा का ज्ञान देकर सामाजिक नैतिक और बौद्धिक प्रगति के लिए प्रेरित करते – रोहित मोडे

दुर्ग भिलाई। कृषि उपज मंडी पाटन में श्री कथा ज्ञान यज्ञ का दूसरा दिन का शुभारंभ जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्रचार्य के सिद्ध चरण पादुकाओं का पूजन एवं श्री लीलामृत ग्रन्थ का यजमान, पुरोहितों द्वारा विधिवद शास्त्रीय पद्धति द्वारा पूजन माल्यार्पण कर किया गया। श्री कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ दोपहर 2 बजे हुआ।

कथा व्यास से भगवान रामानंदाचार्य के कृपा पात्र शिष्य रोहित मोडे ने कहा जीवन में ईश्वर का दर्शन केवल सदगुरु करा सकते है। ऐसे सक्षम योग्य सदगुरु ही वह डायरेक्टर है जिसकी पहुंच ईश्वर तक है। सदगुरु संत प्रत्येक व्यक्ति में ईश्वर देखते है। सदगुरु के ऊपर जीवन की डोर सौप दें तो वह खुशियां भर देते है। मन आनंद से भर जाता है। सदगुरु ही पार ब्रह्म है उनकी शरण जाना चाहिए।भगवान रामानंदाचार्य नरेंद्रचार्य जी कहते है कि हमें एक निष्ट होना चाहिए।

श्री हनुमान जी ने, नारद जी ने, शबरी ने राधा जी ने केवल प्रभु के एक रूप को माना। एक संत एक मंत्र होगा तभी जीवन का उद्धार होगा। सदगुरु के चरणों में पूर्ण समर्पण करना होगा। सदगुरु रास्ता बताते है जो नाम दान से संभव है। एक धुरी में घूमना पड़ता है। नाम हमें आत्म उद्धार के लिए लेना है। इस संसार की नश्वर चीजों के लिए नहीं। पूरे परिवार का एक मंत्र होना चाहिए। तब परिवार में सामंजस्य बनेगा। नाम का मूल उद्देश्य आवागमन की बंधन को तोड़ना है। जो सद्गुरु के मार्ग में संभव है।

कथाकार ने कहा कि सदगुरु में ही 33 करोड़ देवी देवता है। गुरु सभी भ्रम को तोड़ते है। यह गुरु मार्ग महान समर्पण, संयम, दृढ़ अनुशासन लगन निष्ठा विश्वास का है। हमारे मन में आता है कि गुरु जीवन में क्यों जरूरी है। जिस प्रकार गाड़ी का ड्राइवर अनजान रास्तों से लक्ष्य तक ले जाता है। उसी प्रकार गुरु आपको परमात्मा तक पहुंचता है। आपके जीवन की राह पर सही ज्ञान देकर सामाजिक, नैतिक और बौद्धिक प्रगति के लिए प्रेरित करते है।

प्रवचन पश्चात संध्या में रास लीला में नृत्य, भजन का समावेश रहा।जिसका सभी भक्तों ने लाभ लिया। रासलीला पश्चात संध्या आरती और प्रसाद वितरण की गई। कल तीसरे और अंतिम दिन प्रवचन, नामदान हवन के साथ श्री कथा ज्ञान यज्ञ का समापन होगा। आज की कथा में यजमान निशा सोनी उपाध्यक्ष नगर पालिका और रानी बंछोर भाजपा मंडल अध्यक्ष थी। इनके अलावा दुर्ग भिलाई, पाटन के भक्त शिष्यों ने भाग लिया।

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