राजनांदगांव। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में पार्षद से महापौर और महिला आयोग में मंत्री पद तक सक्रिय रही स्व. शोभा सोनी की पुण्यतिथि पर पार्टी के शीर्ष नेताओं ने कोई स्मरण नहीं किया।
शोभा सोनी का भाजपा संगठन में प्रभावशाली स्थान था। डॉ. रमन सिंह से उनका आत्मीय संबंध रहा और उन्होंने उन्हें बेटी मानकर कन्यादान तक किया था। बावजूद इसके, उनकी पुण्यतिथि पर भाजपा के किसी बड़े नेता की मौजूदगी या संवेदना संदेश तक सामने नहीं आया।
शोभा सोनी को राजनांदगांव की “बेटी” और “गांव की नोनी” के रूप में जाना जाता था। उनके slogane गली-कूचों में गूंजते थे और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी छवि एक सशक्त महिला नेतृत्व की रही।
स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि भाजपा अपने ही सक्रिय और समर्पित पदाधिकारियों को भुला बैठी है। यही कारण है कि पार्टी में आपसी सौहार्द और संवेदनाओं की कमी साफ नज़र आती है।
राजनीतिक गलियारों में इस बात को निंदनीय माना जा रहा है कि जो नेत्री कभी संगठन की आत्मा मानी जाती थीं, उनकी पुण्यतिथि पर चुप्पी साध ली गई।




