50 प्लस नॉट आउट दुर्ग ग्रुप का दीपावली मिलन समारोह मुस्कुराहटों और दोस्ती का रोशन जलसा

दुर्ग। शहर का प्रसिद्ध 50 प्लस नॉट आउट ग्रुप इस बार दीपों के पर्व पर मुस्कुराहटों, गीतों और शेरो-शायरी की महफ़िल में झूम उठा। दीपावली मिलन समारोह में हंसी, अपनापन और जीवन के उजालों का संगम देखते ही बनता था।

कार्यक्रम में विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका, मोज़ांबिक से आए भलाई निवासी राजकुमार सिंह ने उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने अपने सहज और आत्मीय अंदाज़ में कहा-
“जहाँ दिलों में उजाला है, वहाँ दीपों की कमी नहीं होती, मुस्कुराते रहो यारों, ज़िंदगी कभी अधूरी नहीं होती।”

ग्रुप के सदस्यों अमित असोदकर, डॉ. दिनेश नामदेव, डॉ. अजय आर्य, राजकुमार सिंह, अमित असोदकर, निलेश खांडवे, रामजी सेंगर, संतोष खरे आदि ने दीपावली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व केवल रोशनी का नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने और मुस्कानों को फैलाने का त्योहार है।

कार्यक्रम के दौरान माहौल तब और खुशनुमा हो गया जब डॉ दिनेश नामदेव और संतोष खरे ने मज़ाकिया लहज़े में कहा-
“अगर दिल खोल होता यारों के साथ, नहीं खोलना पड़ता औज़ारों के साथ!”
इसी अंदाज़ में सबने ठहाके लगाए, चाय की चुस्कियों के साथ दीपावली के मेल-जोल के संदेश को आगे बढ़ाया। सबका मानना था कि इंसान वही है जो दूसरों की खुशी में अपनी मुस्कान ढूँढ ले।

ग्रुप के सक्रिय सदस्य डॉ. अजय आर्य ने कहा-
“50 प्लस नॉट आउट ग्रुप सिर्फ उम्र का जश्न नहीं मनाता, यह जीवन की ऊर्जा और दोस्ती की मिठास का उत्सव है।”
सदस्यों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि आने वाले समय में भी इसी सौहार्द, सेहत और सकारात्मकता के साथ वे समाज में खुशियों और अपनापन बाँटते रहेंगे।
अंत में दीपों की मृदु रोशनी में सबने मिलकर कामना की—
“हँसते रहो, खेल खिलाते रहो, दिलों के दीप जलाते रहो!”

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