Thursday, March 5, 2026

“हर महिला आत्मनिर्भर बने, यही मेरी सबसे बड़ी दीपावली है।”

दुर्ग। स्वावलंबी भारत अभियान के तहत कैट दुर्ग महिला इकाई द्वारा आयोजित दीपावली एक्ज़ीबिशन में 45 से अधिक महिलाओं ने लगाए स्टॉल। अध्यक्षा सुश्री पायल जैन के अथक प्रयासों से विगत 4-5 वर्षों से लगातार सावन, दीपावली एवं संक्रांति के अवसर पर महिलाओं द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।

इस वर्ष दीपावली से पूर्व आयोजित इस प्रदर्शनी में महिला उद्यमियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों ने अपने-अपने स्टॉल दुर्ग स्थित सेंट्रल सिटी मॉल में लगाए।
आयोजन की लोकप्रियता का आलम यह था कि सीमित स्थान के कारण केवल 45 स्टॉल ही लगाए जा सके, जबकि 100 से अधिक महिलाओं ने भागीदारी के लिए आवेदन किया था।

स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की भावना का संगम
यह आयोजन केवल एक बिक्री मेला नहीं, बल्कि “वोकल फॉर लोकल” और “मेक इन इंडिया” की भावना को साकार करने वाला स्वावलंबन का उत्सव था।
महिलाओं द्वारा निर्मित वस्तुओं — जैसे हस्तनिर्मित दीये, गृह सज्जा सामग्री, जूट बैग, हर्बल कॉस्मेटिक्स, पारंपरिक परिधान, पूजा सामग्री, और मिलेट आधारित खाद्य उत्पादों — को नागरिकों ने अत्यंत उत्साह से सराहा

“यह आयोजन केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की जीवंत झलक है।
मिलेट प्रशिक्षण से शुरू हुई स्वावलंबन की यात्रा

कुछ माह पूर्व पायल जैन ने महिलाओं के लिए मिलेट (श्रीअन्न) आधारित उत्पादों का निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया था।
इस प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और स्वस्थ एवं पौष्टिक उत्पादों का निर्माण सीखकर स्वयं का व्यवसाय शुरू किया।
उनके मार्गदर्शन में अनेक महिलाएँ आज स्वयं के उद्योग चला रही।

स्वावलंबी भारत अभियान की दृष्टि स्वावलंबी भारत अभियान का उद्देश्य केवल आर्थिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता को भी स्थापित करना है। यह अभियान ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को एक ऐसा मंच प्रदान कर रहा है जहाँ वे अपने कौशल, परिश्रम और सृजनशीलता से नई पहचान बना रही हैं। यह आयोजन यह सिद्ध करता है कि यदि संकल्प और सहयोग मिले तो महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में ‘आश्रित’ नहीं बल्कि ‘आश्रयदाता’ बन सकती हैं

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