स्कूल के रास्ते तक कब्ज़ा, बंजारी में सरकारी ज़मीन हड़पने की खुली लूट

नेशनल हाईवे से सटी करोड़ों की सरकारी भूमि पर माफियाओं का कब्ज़ा — राजस्व अमला बना मौन दर्शक

सारंगढ़। सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम बंजारी में इन दिनों सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की बाढ़ आ गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी यह बहुमूल्य भूमि अब स्थानीय भू-माफियाओं और प्रभावशाली लोगों के कब्जे में पहुंचती जा रही है। गांव के बीचोंबीच पहले से अपने पक्के घर रखने वाले लोगों ने अब शासकीय हाईस्कूल बंजारी के पास की जमीन को भी नहीं छोड़ा है।

स्कूल तक जाने वाला रास्ता भी कब्ज़े में

ग्रामीणों के अनुसार, अवैध कब्जाधारियों ने स्कूल तक पहुँचने वाले रास्ते पर भी निर्माण कर दिया है, जिससे बच्चों का आवागमन बाधित हो रहा है। स्थिति यह है कि विद्यालय के आस-पास अब पक्के मकान और दुकानों की लाइन लग गई है।

सरकारी भूमि को निगल गया भू-माफिया तंत्र

जानकारी के मुताबिक, सारंगढ़–रायगढ़ नेशनल हाईवे पर जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बंजारी में सरकारी भूमि की बड़ी मात्रा है।
कई सालों से इस जमीन पर भू-माफिया की नजर थी। हाल के दिनों में सुनियोजित तरीके से कब्जे शुरू हुए और दर्जनभर से अधिक पक्के निर्माण खड़े कर दिए गए।
ग्रामीणों ने बताया कि “जिनके पास पहले से घर हैं, वही लोग सरकारी जमीन को अजगर की तरह निगल गए। कुछ ने तो कब्जाई गई भूमि को लाखों में बेच भी दिया।”

गायों की चराई बंद, शराब बिक्री शुरू

अवैध कब्जे के कारण अब गांव की चराई भूमि खत्म हो चुकी है। जहां पहले मवेशी घास चरते थे, वहां अब मकान और दुकानें हैं।
सूत्रों का दावा है कि कब्जाधारियों के कुछ घरों में अवैध शराब बिक्री भी की जा रही है, जहां नशेड़ियों का जमघट लगा रहता है — और इसी रास्ते से विद्यालय के बच्चे रोज़ गुजरते हैं।

राजस्व विभाग की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

नेशनल हाईवे के किनारे हो रहे इस खुले कब्जे को देखकर भी राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौन हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और संरक्षण के कारण ही कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि करोड़ों रुपये मूल्य की इस सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
अब देखना यह है कि सारंगढ़ से महज़ 16 किलोमीटर दूर स्थित बंजारी गांव में प्रशासन का बुलडोज़र कब चलेगा।

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