खुशी है कि हमे भारतीय मानक ब्यूरो व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्तिथि में एक साथ मंच परअपनी बात रखने मिल रहा स्वर्णिम अवसर- कमल सोनी
वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल के बीच व्यापारियों में चिंता की लहर मुख्यमंत्री से कल मिलेगा सराफा एसोसिएशन का विशेष प्रतिनिधि मंडल…
रायपुर : वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, फेडरल रिज़र्व की संभावित ब्याज दर कटौती, अमेरिका-चीन तनाव और मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की जा रही है। इस वैश्विक प्रभाव का सीधा असर छत्तीसगढ़ सहित भारत के सराफा बाजारों में देखने को मिल रहा है।
रायपुर स्पॉट मार्केट में सोना ₹1,27,500 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,58,000 प्रति किलो के स्तर को पार कर चुकी है, जिससे निवेशकों में हलचल है, लेकिन परंपरागत सराफा व्यापारियों के बीच चिंता भी गहराई है।
स्थानीय व्यापारियों पर दोहरी मार
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि:
“कीमतों में आई तेज़ उछाल ने पारंपरिक व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक ओर त्योहारी मांग के कारण बाजार में खरीदारी है, लेकिन दूसरी ओर बड़ी कंपनियों के ऑनलाइन और थोक व्यापार के कारण स्थानीय व्यापारियों पर दबाव बढ़ रहा है।”
विश्व मानक दिवस पर मिलेगा सुनहरा अवसर
14 अक्टूबर 2025 को विश्व मानक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन को मंच से अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा।
कमल सोनी ने इस अवसर को “स्वर्णिम और ऐतिहासिक” बताया और विश्वास जताया कि इससे पारंपरिक व्यापारियों की आवाज सरकार तक पहुँचेगी।
प्रमुख मांगें जो मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएंगी:
- पारंपरिक सराफा व्यापार को राज्य की संरक्षण नीति में शामिल किया जाए।
- राज्य में स्वर्ण आभूषण व्यापार के लिए स्वतंत्र नीति का गठन किया जाए।
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा की जा रही मूल्य हेराफेरी और अनुचित प्रतिस्पर्धा पर नियंत्रण लगाया जाए।
- छोटे व्यापारियों को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाए।
- पारंपरिक सराफा कारोबार की स्थिरता व सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक नीति बनाई जाए।
सरकार से संरक्षण की अपेक्षा
सराफा एसोसिएशन के प्रवक्ता ने बताया कि बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियाँ अनर्गल प्रचार और भारी छूट के माध्यम से आम उपभोक्ता को भ्रमित कर रही हैं, जिससे छोटे व्यापारियों का अस्तित्व संकट में है।
तकनीकी विश्लेषण:
| धातु | सपोर्ट स्तर | रेजिस्टेंस स्तर |
|---|---|---|
| सोना | ₹1,20,000 – ₹1,15,000 | ₹1,27,500 – ₹1,31,500 |
| चांदी | ₹1,43,000 – ₹1,37,000 | ₹1,58,000 – ₹1,62,000 |
वरिष्ठ विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी अल्पकालिक लाभ का अवसर ज़रूर दे सकती है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
अंतिम निष्कर्ष:
जहां एक ओर यह तेजी निवेशकों के लिए अवसर बन सकती है, वहीं छत्तीसगढ़ जैसे पारंपरिक बाजारों में यह छोटे व्यापारियों के लिए संघर्ष का दौर है। 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री से होने वाली मुलाकात से यह तय होगा कि प्रदेश सरकार इस परंपरागत उद्योग की रक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।




