दुर्ग। आरोप है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी ने पहले प्रार्थी की मां को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनाने के नाम पर 2 लाख रुपए की मांग की। इसके बाद मां ने जब मना किया तो बेटी को जिला परियोजना अधिकारी बनाने का झांसा दिया और उससे दो बार में 10 लाख रुपए ऐंठने का आरोप है।
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी तापेश नेताम ने बताया कि प्रार्थिया वार्ड नं. 03, मठपारा निवासी 24 वर्षीय श्वेता जांगिड ने बताया कि अप्रैल 2023 मे उसकी माता शीतल जांगिड ने आंगनबाडी कार्यकर्ता के पद में भर्ती के लिए आवेदन किया था। एक अन्य आंगनबाडी के कार्यकर्ता के माध्यम से पता चला कि परियोजना अधिकारी रचिता नायडू है।
इस पद की नियुक्ति करा सकती है। इसके बाद लोग रचिता नायडू से ऋषभ नगर स्थित उनके घर मिलने गए।
पुलिस ने बताया कि रचिता नायडू ने पहले पांच लाख रुपए लिए। उसके 3 से 4 महीने के बाद अचानक काल की और 16 लाख की डिमांड करने लगी। कहा पोस्ट बड़ी है ज्यादा पैसा लगेगा।
नहीं देने पर पुराना पैसा डूबने की बात कही। इसके बाद अपने साथी दितेश राय को करीबी बताकर भरोसे में लिया। 21 मई 2025 को बचे हुए गहने को गिरवी रख फिर से 5 लाख रुपए रायपुर जाकर दिया। टोटल 10 लाख रुपए देने के बाद रचिता ने कहा कि अब उसकी नौकरी लग जाएगी।
प्रार्थी ने शिकायत में लिखा है कि मां ने मेरी शादी के लिए रखे गहने तक गिरवी रख दिए। अब न नौकरी लगी, न पैसा वापस आया, ऊपर से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। परिवार मानसिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
नौकरी लगाने के लिए 2 लाख रुपए की मांग की, लेकिन पैसे नहीं होने की वजह से मना कर दिया। इसके बाद परियोजना अधिकारी रचिता नायडू ने श्वेता जांगिड से दोस्ती की और घर आना-जाना शुरू कर दिया। जान पहचान बढ़ाकर प्रार्थिया से ये पूछा कि तुम्हारे पास कितना जमीन सोना है। भरोसा होने पर प्रार्थिया ने उसे बताया कि उसकी शादी के लिए मां ने गहने रखे हैं। यह जानने के बाद आरोपी ने प्रार्थिया को सीजीपीएसी की तैयारी करवाने का आश्वासन दिया और पढ़ाना भी शुरू कर दिया।
इसी दौरान बिलासपुर जिले में (डीसीपीओ) जिला बाल संरक्षण अधिकारी की पोस्ट निकली थी। रचिता नायडू ने प्रर्थिया को इस पद का फार्म भरने को कहा। ये भी कहा कि यह पोस्ट उसके हाथ में है। तुम्हारी नौकरी में आसानी से लगवा दूंगी। आवेदन करने के 10 दिन के बाद से ही रचिता नायडू नौकरी लगाने के नाम से 5 लाख रुपए की मांग करने लगी। भरोसा जीतने एक व्यक्ति को मंत्री के घर दो बार में 10 लाख रुपए देने के एक सप्ताह बाद रचिता ने दोबारा कॉल कर 6 लाख की डिमांड की। मना करने और पैसे वापस मांगने पर काफी अपशब्द बोला।
जब जिला संरक्षण अधिकारी का इंटरव्यू 23 जुलाई 2025 को निकला, लेकिन उसमें प्रार्थी का नाम नहीं था। इसके बाद उसने फिर रचिता को कॉल किया तो उसने कहा कि वह पता करती है, लेकिन इसके बाद लगातार फोन करने के बाद भी उसने फोन उठाना बंद कर दिया। बाद में ब्लॉक भी कर दिया। सिटी कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।




