सिंगल यूज़ प्लास्टिक और पानी पाउच के निर्माताओ के फैक्ट्री को प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने की शिकायत कलेक्टर से की गई

दुर्ग। आम आदमी पार्टी के दुर्ग लोकसभा उपाध्यक्ष जसप्रीत सिंग ने बताया छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूर्णतः प्रतिबंध लागू किया है। बावजूद इसके देखने मे आ रहा है कि 100 माइक्रॉन से कम के तमाम थैली, डिस्पोजल, पानी पाऊच धड़ल्ले से बेचे जा रहे है। सरकारी तंत्र आम ठेले खोमचे एवं डेली नीड्स की दुकानों पर बाजारों में फल वालो पर जुर्माना लगाकर खानापूर्ति करने और सरकारी कोष भरने में लगा है किंतु कभी निर्माण करने वाले व्यापारीयों के फैक्ट्रियों पर कोई कार्यवाही नहीं कि गई है। बड़े व्यापारी धड़ल्ले से पर्यावरण के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए इन सामग्रियों को बना कर बाजारों में खपा रहे है।

इसमें सबसे बड़ा कमाई का उद्योग पानी पाऊच बना हुआ है आम आदमी पार्टी के दुर्ग लोकसभा उपाध्यक्ष जसप्रीत सिंग ने बताया छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूर्णतः प्रतिबंध लागू किया है। बावजूद इसके देखने मे आ रहा है कि 100 माइक्रॉन से कम के तमाम थैली, डिस्पोजल, पानी पाऊच धड़ल्ले से बेचे जा रहे है। सरकारी तंत्र आम ठेले खोमचे एवं डेली नीड्स की दुकानों पर बाजारों में फल वालो पर जुर्माना लगाकर खानापूर्ति करने और सरकारी कोष भरने में लगा है किंतु कभी निर्माण करने वाले व्यापारीयों के फैक्ट्रियों पर कोई कार्यवाही नहीं कि गई है।

बड़े व्यापारी धड़ल्ले से पर्यावरण के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए इन सामग्रियों को बना कर बाजारों में खपा रहे है। इसमें सबसे बड़ा कमाई का उद्योग पानी पाऊच बना हुआ है।शराब दुकानों के आसपास कभी सुबह आपका आना जाना हो तो आप इसका सबूत अपनी आंखों से देख सकते है।चूंकि छोटे व्यापारी ठेले और डेली नीड्स चलाने वाले दुकानदारों को इस महंगाई के दौर में गुजारा करने के लिए उपलब्धता के हिसाब से न चाहते हुए भी इन सामानों को बेचना पड़ता है क्योंकि होलसेल दुकानदारों के पास यह आसानी से सस्ते दामो पर उपलब्ध है।

जसप्रीत सिंग ने कहा कि इस दफे बड़े व्यापारियों जहां पानी पाउच, डिस्पोजल, केरी बेग बनाये जा रहे है उनपर कार्यवाही करते हुए फेक्ट्रियो को सील करने की कार्यवाही करें ताकि अन्य दुकानदार भी सप्लाई न मिलने की वजह से ईमानदारी से व्यवसाय करें और पर्यावरण के हित में अपने कर्तव्य का पालन करेंगे। भिलाई में सुबह उठने के बाद शराब भट्टी में देखने को मिलता है डिस्पोजल और पानी पाउच भारी मात्रा में सड़कों में पड़ा रहता है।

शंकराचार्य हॉस्पिटल के डॉक्टर एस.के अग्रवाल का कहना है कि इस तरह के पाउच खरीदकर प्यास बुझाने वाले लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। इनको टाइफाइड, डायरिया, पेचिश, गले व पीलिया आदि रोग हो सकते हैं। पाउच का पानी 5 से 6 दिन बाद पीने योग्य नहीं रहता है। इसे कैसे बनाते हैं और क्या-क्या प्रयोग करते हैं। इसकी जांच के बाद ही सही जानकारी हो सकेगी। कई कंपनी के पानी पाउच में एक्सपायरी डेट नहीं लिखा रहता है पानी पाउच बोरी में धूप में रहता है जिसके कारण गर्म होने से पानी पहुंच में प्लास्टिक की बैक्टीरिया मिल जाते हैं जिसके कारण कैंसर हो सकता है।

ज्ञापन देने वाले डॉ एस.के अग्रवाल,मेहरबान सिंह ,के ज्योति मैडम रऊफ अंसारी ,मनीष मिश्रा,सोनू यादव ,हरचरण सिंह,धर्मेंद्र चौधरी ,कमल दुबे,बलविंदर सिंह ,देवेंद्र बिजलेकर,बलदेव साहू ,विनोद साहू,अविनाश गायकवाड़ ,जसप्रीत सिंह आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे

शराब दुकानों के आसपास कभी सुबह आपका आना जाना हो तो आप इसका सबूत अपनी आंखों से देख सकते है। चूंकि छोटे व्यापारी ठेले और डेली नीड्स चलाने वाले दुकानदारों को इस महंगाई के दौर में गुजारा करने के लिए उपलब्धता के हिसाब से न चाहते हुए भी इन सामानों को बेचना पड़ता है क्योंकि होलसेल दुकानदारों के पास यह आसानी से सस्ते दामो पर उपलब्ध है।जसप्रीत सिंग ने कहा कि इस दफे बड़े व्यापारियों जहां पानी पाउच, डिस्पोजल, केरी बेग बनाये जा रहे है उनपर कार्यवाही करते हुए फेक्ट्रियो को सील करने की कार्यवाही करें ताकि अन्य दुकानदार भी सप्लाई न मिलने की वजह से ईमानदारी से व्यवसाय करें और पर्यावरण के हित में अपने कर्तव्य का पालन करेंगे।भिलाई में सुबह उठने के बाद शराब भट्टी में देखने को मिलता है डिस्पोजल और पानी पाउच भारी मात्रा में सड़कों में पड़ा रहता है।

शंकराचार्य हॉस्पिटल के डॉक्टर एस.के अग्रवाल का कहना है कि इस तरह के पाउच खरीदकर प्यास बुझाने वाले लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। इनको टाइफाइड, डायरिया, पेचिश, गले व पीलिया आदि रोग हो सकते हैं। पाउच का पानी 5 से 6 दिन बाद पीने योग्य नहीं रहता है। इसे कैसे बनाते हैं और क्या-क्या प्रयोग करते हैं। इसकी जांच के बाद ही सही जानकारी हो सकेगी। कई कंपनी के पानी पाउच में एक्सपायरी डेट नहीं लिखा रहता है पानी पाउच बोरी में धूप में रहता है जिसके कारण गर्म होने से पानी पहुंच में प्लास्टिक की बैक्टीरिया मिल जाते हैं जिसके कारण कैंसर हो सकता है।

ज्ञापन देने वाले डॉ एस.के अग्रवाल,मेहरबान सिंह ,के ज्योति मैडम,रऊफ अंसारी ,मनीष मिश्रा,सोनू यादव ,हरचरण सिंह,धर्मेंद्र चौधरी ,कमल दुबे,बलविंदर सिंह ,देवेंद्र बिजलेकर,बलदेव साहू ,विनोद साहू,अविनाश गायकवाड़ ,जसप्रीत सिंह आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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