राजन महाराज ने सुनाया श्रीराम अवतार का दिव्य प्रसंग, रामभक्त झूमे भजनों पर
भिलाई। आईटीआई मैदान, खुर्सीपार में जीवन आनंद फाउंडेशन भिलाई एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता विनोद सिंह के संयोजन में राजन महाराज के श्रीमुख से आयोजित श्रीराम कथा महिमा के तृतीय दिवस आज कथा स्थल पर हजारों की संख्या में रामभक्तों ने पहुँचकर श्रद्धा-भाव से कथा श्रवण किया। साथ ही कथा में कई विशिष्ट अतिथि भी पहुंचे जिनमें दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चंद्राकर, भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन जी, दुर्ग जिला पंचायत की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे जी, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनीष पांडे जी एवं कई बीजेपी के पदाधिकारी, वरिष्ठ नेतागण उपस्थित रहे।

कथा में आज राजन महराज ने राम जी के अवतार लेने का दिव्य प्रसंग सुनाया। इस कथा की शुरुआत कैलाश पर्वत से हुई जहां वक्ता के रूप में भगवान शिव जी ने माता पार्वती को कथा सुनाया। श्री राम के अवतार लेने के पांच कारण भी बताया।
हरि विष्णु के द्वार में दो द्वारपाल जिनका नाम जय विजय था उनके प्रसंग का भी वर्णन किया। दूसरे कारण के रूप में तुलसी माता के पिछले जन्म में वृंदा नाम, जालंधर को श्राप और भगवान शालिग्राम की कथा के बारे में बताए। तीसरे कारण के रूप में नारद द्वारा दिए गए श्राप का प्रसंग विस्तार सुनाया कैसे नारद के दो श्राप भगवान राम को लगा जिसमें एक वानर ही उनके काम आएंगे, दूसरा श्राप के रूप उन्हें सीता के वियोग का सामना का प्रसंग सुनाया। चौथे कारण रूप में तेईस हजार वर्षों के तपस्या के परिणाम स्वरूप मनु को आशीर्वाद दिया कि अगले जन्म आपके घर बाल रूप में जन्म लूंगा। पांचवे कारण के रूप में रावण के जन्म के प्रसंग बताया जिसमें रावण ने ब्रह्मा से वरदान मांगा कि मेरी मृत्यु केवल मनुष्य और वानर द्वारा हो।
इसके पश्चात श्रृंगी ऋषि पर्वत वशिष्ठ जी महाराज और राजा दशरथ जी द्वारा गए पुत्र कामना यज्ञ के बारे में रोचक तरीके से प्रसंग सुनाया, कैसे प्रभु ने अवतार लिया और माता कौशल्या को अपना विराट रूप दिखाया उनके सुप्रसिद्ध भजनों पर श्रोता झूमते नजर आए। व्यासपीठ से महाराज ने श्रोताओं को मिठाइयां दी, यजमान परिवार ने श्रोताओं को मिठाई एवं खिलौने बांटे, साथ ही महाराज ने श्रोताओं को सूचित किया कि कल रामकथा में वे प्रभु श्री राम जी के बाल रूप का वर्णन करेंगे। कथा के पश्चात आयोजकों द्वारा प्रसादी वितरण किया गया। कथा का क्रम जैसे जैसे आगे बढ़ रहा है श्रोताओं की तादात बढ़ती जा रही है। आज रविवार छुट्टी का दिन था इतनी विशाल संख्या में श्रोता पहुंचे कि मुख्य पंडाल और साइड पंडाल पूरी तरह भर चुके था। 9 दिवसीय इस कथा में आने वाले दिनों में कथा में और भीड़ बढ़ने की संभावना है।