Thursday, January 15, 2026

रग्बी अस्मिता लीग का भव्य आयोजन, सांसद विजय बघेल ने किया उद्घाटन

बेटियां खेलेंगी तो देश आगे बढ़ेगा: विजय बघेल

भिलाई। सेक्टर-9 ग्राउंड में रग्बी अस्मिता लीग का शुभारंभ गरिमामय माहौल में हुआ। इस आयोजन का उद्घाटन सांसद विजय बघेल ने किया। लीग का आयोजन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स, खेलो इंडिया एवं छत्तीसगढ़ रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन (CGRFA) के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मुख्य अतिथि का स्वागत रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष साजन सुधाकरन, सचिव जयप्रकाश गोंडा, चंद्रगुप्त चौहान एवं उपाध्यक्ष विनय पीतांबरन, मारुति नंदन मरकाम, इंद्रजीत सिंह पाल, पी एल वमसी ने किया। इस अवसर पर नगर पार्षद साजन जोसेफ भी उपस्थित रहे।

इस प्रतियोगिता में 25 से अधिक टीमों एवं 300 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों की ऊर्जा और उत्साह देखकर खेल मैदान में अद्वितीय वातावरण का निर्माण हुआ। स्वागत भाषण अध्यक्ष साजन सुधाकरन ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन दुर्ग इस खेल को लोकप्रिय बनाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए हमें भारत सरकार और जनप्रतिनिधियों का विशेष सहयोग चाहिए। उन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों को पौधा भेंट करके हरित स्वागत किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अजय आर्य ने किया। उन्होंने कहा-
“जुनून होना चाहिए लक्ष्य को पाने के लिए, वरना सपना तो हर कोई देखता है। आज हमारी बेटियां बेटों से ज्यादा हुनर दिखा रही हैं और देश के लिए मेडल ला रही हैं।”

सांसद विजय बघेल का उद्बोधन: हमें अपनी बेटियों पर गर्व है

मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा-
“मैं यहाँ केवल सांसद के रूप में नहीं, बल्कि खिलाड़ी के नाते भी उपस्थित हूँ क्योंकि कबड्डी मेरा प्रिय खेल रहा है। मैं खिलाड़ियों के जज़्बातों और उनकी जरूरतों को बखूबी समझता हूँ। देश की बेटियों पर हमें गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर की कमान भी हमारी बेटियों ने संभाली थी। आज की बेटियां रानी दुर्गावती और झांसी की रानी के जोश की मिसाल हैं। मैं विशेष रूप से बेटियों को शुभकामनाएं देता हूँ, क्योंकि जब बेटियां खेलेंगी तो देश निश्चित रूप से आगे बढ़ेगा।”

रग्बी खेल का महत्व

छत्तीसगढ़ रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन लगातार इस खेल को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहा है। रग्बी न केवल शारीरिक ताकत और गति का खेल है, बल्कि यह टीमवर्क, अनुशासन, रणनीति और आत्मविश्वास की शिक्षा देता है। इस खेल के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को अवसर मिल रहे हैं। यह खेल नशामुक्त, स्वस्थ और सशक्त समाज निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

रग्बी अस्मिता लीग ने साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। विशेष रूप से बेटियों की भागीदारी यह संदेश देती है कि खेल के मैदान में अब महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आयोजन प्रदेश में रग्बी खेल की लोकप्रियता और अस्मिता के सशक्त स्वरूप को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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