रायपुर। महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका ईडी को और राहत आरोपियों को मिली है।
ढाई साल से जेल में बंद 12 आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है।
जस्टिस एम.एम. सूदरैश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कहा —
👉 “जब ट्रायल शुरू ही नहीं हुआ और आरोपी ढाई साल से जेल में सड़ रहे हैं, तो उन्हें राहत मिलनी चाहिए!”
इस फैसले के बाद महादेव सट्टा सिंडिकेट को लेकर एक बार फिर सियासत और सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
💰 2,295 करोड़ की संपत्ति पर ईडी का शिकंजा – लेकिन सट्टा साम्राज्य अब भी जीवित!
ईडी के मुताबिक, महादेव ऐप के जरिए हजारों करोड़ का काला धन विदेशों में घुमाया गया।
अब तक एजेंसी ने ₹2,295.61 करोड़ की संपत्ति जब्त या फ्रीज की है —
₹19.36 करोड़ नकद,
₹16.68 करोड़ बैंक बैलेंस और अन्य संपत्ति,
और ₹1,729 करोड़ से अधिक की चल संपत्ति।
लेकिन सवाल ये है —
👉 क्या असली मास्टरमाइंड अब भी सिस्टम से बच निकले हैं?
🔒 गौरव केडिया गिरफ्तार — सट्टे के पैसे को व्हाइट करने का खेल उजागर
ईडी ने बीते दिनों गौरव केडिया को हिरासत में लिया है।
आरोप है कि वह महादेव ऐप के प्रमोटर गौरव टिबरेवाल और नितिन टिबरेवाल के साथ मिलकर सट्टे की रकम को शेयर मार्केट में घुमा कर वैध धन में बदल रहा था।
यह नेटवर्क देशभर में फैले बेनामी खातों और ट्रेडिंग फर्मों के जरिए संचालित होता था।
⚡ ईडी की रेड में 5.39 करोड़ नकद बरामद, कई हाई-प्रोफाइल चेहरे आए रडार पर
महादेव सट्टा कनेक्शन की जांच में ईडी ने
₹5.39 करोड़ नकद
₹15.59 करोड़ का बैंक बैलेंस बरामद किया था।
एजेंसी ने बॉलीवुड की कई नामचीन हस्तियों और प्रभावशाली लोगों से भी पूछताछ की।
सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल, जो इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड बताए जाते हैं, ईडी की चार्जशीट में आरोपी नंबर-1 और 2 हैं।
🕸️ बेनामी खातों का जाल — हर आईडी के पीछे सट्टे का सिंडिकेट
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि महादेव ऐप एक संगठित ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट की तरह काम करता था।
हर यूज़र को फर्जी बैंक खातों और आईडी से जोड़ा जाता था, जिनके ज़रिए करोड़ों रुपये की मनी लांड्रिंग को अंजाम दिया जाता था।
🔥 सवाल अब भी बाकी: सट्टा नेटवर्क के बड़े खिलाड़ी कब आएंगे कानून के शिकंजे में?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक ओर जहां आरोपियों ने राहत की सांस ली है,
वहीं दूसरी ओर सवाल उठ रहे हैं कि —
👉 क्या यह केस अब ठंडे बस्ते में जाएगा या सट्टा साम्राज्य की जड़ें और उजागर होंगी?
