Saturday, January 17, 2026

भिलाई स्टील प्लांट में ठेका मजदूरों की हाजिरी अब बायोमेट्रिक से अनिवार्य….

भिलाई (छत्तीसगढ़):
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई स्टील प्लांट में कार्यरत ठेका मजदूरों के लिए एक अहम फैसला लिया गया है। अब सभी ठेका मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली को अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम हाजिरी में हो रही धांधली और फर्जी उपस्थिति पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

प्लांट प्रबंधन ने 1 अक्टूबर से इस नियम को सख्ती से लागू करने की तैयारी की थी, लेकिन कुछ तकनीकी और प्रशासनिक बैठकों के चलते मजदूरों और ठेकेदारों को दो-चार दिन की अतिरिक्त मोहलत दी गई है।

प्लांट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अब तक कई ठेकेदार हाजिरी में हेराफेरी कर मजदूरों की उपस्थिति गलत तरीके से दर्ज करते रहे हैं, जिससे न केवल मजदूरों को नुकसान होता है, बल्कि कंपनी को भी आर्थिक हानि होती है। बायोमेट्रिक हाजिरी लागू होने से यह व्यवस्था पारदर्शी बनेगी और मजदूरों को उनके काम का पूरा मेहनताना समय पर मिल सकेगा।

मजदूरों की प्रतिक्रिया:

कुछ मजदूरों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और कहा कि इससे उन्हें काम के घंटे के अनुसार वेतन मिलने की गारंटी मिलेगी। हालांकि, कुछ ने तकनीकी गड़बड़ियों की आशंका भी जताई है और समय पर मशीनें चालू रखने की मांग की है।

यह वाकई भिलाई स्टील प्लांट के ठेका मजदूरों के लिए एक सकारात्मक कदम है। बायोमेट्रिक हाजिरी की अनिवार्यता से कई बड़े फायदे हो सकते हैं|

प्रमुख लाभ:

  1. धांधली पर रोक:
    हाजिरी में होने वाली गड़बड़ी और फर्जी उपस्थिति पर लगाम लगेगी। ठेकेदार द्वारा किए जाने वाले धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी।
  2. पारदर्शिता:
    मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति का रिकॉर्ड सुरक्षित और सटीक रहेगा। इससे मजदूरी के भुगतान में पारदर्शिता बढ़ेगी।
  3. मजदूरों को न्याय:
    जो मजदूर सही समय पर काम करते हैं, उन्हें पूरा हक मिलेगा और उनका मेहनताना काटे जाने जैसी समस्याएं कम होंगी।
  4. प्रबंधन की निगरानी आसान:
    प्लांट प्रशासन के लिए यह जानना आसान होगा कि किस समय कितने मजदूर ड्यूटी पर हैं।

क्या ध्यान रखना होगा:

बायोमेट्रिक सिस्टम की विश्वसनीयता: मशीनों की ठीक से काम करना जरूरी है। तकनीकी खराबी से मजदूरों को नुकसान न हो, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।

शुरुआती मोहलत:
जैसा कि बताया गया है, 1 अक्टूबर से इसे लागू किया जाना था, लेकिन कुछ दिन की मोहलत दी गई है। इसका सही उपयोग करके मजदूरों और ठेकेदारों को सिस्टम से परिचित कराया जाना चाहिए।

“हमारा उद्देश्य है कि ठेका मजदूरों के हित सुरक्षित रहें और कोई भी उनका शोषण न कर सके। बायोमेट्रिक सिस्टम से पारदर्शिता आएगी और इसका क्रियान्वयन जल्द ही पूरी तरह किया जाएगा।” – प्लांट प्रशासन

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