हिंदी पत्रकारिता की द्विशताब्दी पर वसुंधरा का आयोजन
भिलाई। हिंदी पत्रकारिता की द्विशताब्दी के ऐतिहासिक अवसर पर लोक जागरण की संस्था वसुंधरा के द्वारा एक महत्वपूर्ण वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। रविवार 21सितम्बर को दोपहर ढाई बजे महात्मा गांधी कला मंदिर सिविक सेंटर भिलाई में आयोजित समारोह को देश के नामचीन पत्रकार, संपादक,लेखक संबोधित करेंगे।
उपरोक्त जानकारी देते हुए समारोह के संयोजक विनोद मिश्र, स्वागत समिति के अध्यक्ष दिनेश बाजपेई, सचिव श्वेता उपाध्याय ने बताया कि राज्य शासन के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे। समारोह की अध्यक्षता सुविख्यात पत्रकार हरिभूमि पत्र समूह के प्रधान संपादक डॉक्टर हिमांशु द्विवेदी करेंगे।जाने माने पत्रकार, संपादक एवं अनेक पुस्तकों के लेखक अनंत विजय तथा भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के आचार्य डा.संजय द्विवेदी समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा आयोजन को अतिथि वक्ता के तौर पर संबोधित करेंगे।इस महत्वपूर्ण वैचारिक संगोष्ठी का संचालन सुपरिचित पत्रकार डा.विश्वेश ठाकरे एवं लेखिका श्वेता उपाध्याय करेंगे। समारोह के प्रारंभ में सुविख्यात लोकगायिका रजनी रजक छत्तीसगढ़ का राज्य गीत तथा समापन पर संस्कृतिकर्मी डा. सोनाली चक्रवर्ती वंदेमातरम की प्रस्तुति देंगी।इस समारोह में भारतीय पत्रकारिता (1826-1933)पर एकाग्र कृति बहुमत के 148 वें विशेष अंक तथा छत्तीसगढ़ की हिंदी पत्रकारिता:नींव के पत्थर विषय पर कृति वसुंधरा के 123 वें अंक का लोकार्पण भी किया जाएगा।
बी एस पी आफिसर्स एसोसिएशन अध्यक्ष नरेंद्र बंछोर,डा.रक्षा सिंह,प्रो डी.एन.शर्मा, पद्मश्री उषा बारले एवं राधेश्याम बारले, मोरध्वज चंद्राकर, दुर्गा प्रसाद पारकर, शक्ति चक्रवर्ती, अतुल नागले,सुमन कन्नौजे, निधि चंद्राकर,बी पोलम्मा, रामकुमार वर्मा,डी पी देशमुख, वीरेंद्र नाथ पाण्डेय,यश ओबेरॉय, प्रदीप भट्टाचार्य,डा.सुनीता वर्मा,डा.हंसा शुक्ला, नौशाद सिद्दीकी, इंद्रमौली मनु,मयंक दास, संजय कुमार मिश्र, पुनीत चौबे, रामकुमार वर्मा,डा.संजय दानी,रीना देशमुख, विजय वर्तमान ने प्रबुद्ध जनों एवं कला, साहित्य, संस्कृति,शिक्षा ,सामाजिक संस्थाओं स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों से इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में अपनी विनम्र उपस्थिति हेतु निवेदन किया है।