Thursday, March 5, 2026

भक्ति प्रेम है,भक्ति समर्पण है-निरंकारी राजपिता रमित जी

संत निरंकारी मिशन के राजपिता पूज्य रमित जी की हजूरी में विशाल संत समागम कृषि मंडी परिसर में सम्पन्न हुआ।
छतीसगढ़ की पावन धरा में पूज्य रमित जी के आगमन पर पूरे प्रदेश के निरंकारी भक्तों में खुशी का माहौल था।

विशाल संगत को संबोधित करते हुए पूज्य रमित जी ने फरमाया” भक्ति वाला जीवन दुसरो को प्रेरणा देता है।भक्ति प्रेम है भक्ति समर्पण है और ऐसी भक्ति सदगुरु से प्राप्त होती है।गुरु ज्ञान से वैर मिटेगा और ज्ञान से ही दीवार रहित संसार निर्मित होगा।

जहां प्रेम होता है वहा प्रीतम की बात होती है लेकिन जब इस बीच अक्ल आ जाये श्यानप आ जाये तो वहां माया और स्वार्थ का भाव आ जाता है।
भक्त की सर्वोच्च अवस्था प्रेमा भक्ति वाली होती है।

धर्म की शुरवात वहां से होती है जब मन में प्रश्न हो कि परमात्मा है क्या?”

विशाल संत समागम में जहाँ छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से श्रद्धालु पहुँचे थे वही दुबई , दिल्ली व अन्य स्थानों से भी भी श्रद्धालु उपस्थित थे।
ब्रांच दुर्ग भिलाई के संयोजक सतपाल सैनी ने समागम में गुरु भक्ति और समर्पण को ही जीवन का आधार बताया।
जोनल इंचार्ज गुरबख्श कालरा ने समागम में आये सभी संतो व सेवादल का आभार किया।

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