Thursday, January 15, 2026

बिहार चुनाव 2025 : जन सुराज ने जारी की पहली लिस्ट — डॉक्टर, इंजीनियर और सिंगर को दिया टिकट, ‘साफ छवि’ का नया राजनीतिक प्रयोग

पटना। बिहार की राजनीति में इस बार सबसे बड़ा धमाका कर दिया है प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने। पार्टी ने अपनी पहली उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जिसमें 51 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इस लिस्ट में पारंपरिक नेताओं की जगह डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, पुलिस अधिकारी और सिंगर जैसे पेशेवर लोगों को मौका दिया गया है।

“20 साल से इस्तेमाल हुए, अब मिलेगा असली मौका” — प्रशांत किशोर

लिस्ट जारी करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा —

“दूसरी पार्टियों में झंडा उठाकर सालों मेहनत करने वालों को कभी विधायक बनने का मौका नहीं दिया गया।
जन सुराज पार्टी ऐसे ही लोगों को टिकट दे रही है — जिन्हें पहुंच या पैसे के आधार पर नहीं, बल्कि मेहनत और ईमानदारी के दम पर आगे बढ़ना है।”

उन्होंने कहा कि अन्य दलों ने 20 सालों से नेताओं और कार्यकर्ताओं का उपयोग किया, लेकिन अवसर नहीं दिया।
जन सुराज ने उन सभी समाजों को प्रतिनिधित्व देने का संकल्प लिया है, जो वर्षों से राजनीति में भागीदारी की गुहार लगा रहे थे।

“जन सुराज अब परिवार नहीं, आंदोलन है”

प्रशांत किशोर ने बताया कि जन सुराज के साथ आज करीब 1.5 करोड़ लोग परिवार के सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीच से 243 सीटों पर उम्मीदवार तय करना आसान नहीं है, लेकिन पार्टी की प्राथमिकता है — “साफ-सुथरी छवि और जनता से जुड़ा चेहरा”।

उन्होंने कहा —

“जन सुराज में पैसा नहीं चलेगा, पहुंच नहीं चलेगी।
जो समाज सुधारना चाहता है, जनता से जुड़ा है — वही पार्टी का उम्मीदवार बनेगा।”

साफ छवि, साफ नीयत: डॉक्टर से लेकर सिंगर तक

पहली सूची में जिन उम्मीदवारों को जगह दी गई है, उनमें कई ऐसे नाम हैं जो अपने-अपने क्षेत्र में समाजसेवा और जनजागरण से जुड़े रहे हैं।
कई उम्मीदवार डॉक्टर हैं जो मुफ़्त इलाज या हेल्थ कैंप चलाते रहे हैं, कुछ इंजीनियर और पूर्व अधिकारी हैं जिन्होंने सामाजिक सुधार के क्षेत्र में काम किया है,
वहीं कुछ युवा कलाकार और सिंगर हैं जो जनजागरूकता अभियान का हिस्सा रहे हैं।

प्रशांत किशोर का नया ‘सामाजिक समीकरण’

जन सुराज ने टिकट वितरण में जातीय समीकरण से ज्यादा सामाजिक संतुलन पर जोर दिया है।
प्रशांत किशोर ने कहा —

“हमने ऐसा समीकरण बनाया है जो सभी समाजों को जोड़ता है, न कि बांटता है।
जनता तय करेगी कि बिहार को फिर चोर-लुटेरों के हवाले करना है या समाज सुधारकों के हवाले।”

उनके इस बयान से साफ है कि जन सुराज पार्टी खुद को ‘ईमानदार राजनीति के विकल्प’ के रूप में पेश कर रही है।

आगे की राह कठिन लेकिन चुनौती स्वीकार

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि 51 साफ-सुथरी छवि वाले प्रत्याशी चुनकर जन सुराज ने एक नई राजनीतिक मिसाल कायम की है,
लेकिन असली चुनौती तब होगी जब पार्टी ग्राउंड लेवल पर 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी।
प्रशांत किशोर के सामने अब सबसे बड़ी परीक्षा होगी —
क्या आदर्श राजनीति का यह प्रयोग वोटों में बदल पाएगा या नहीं

जन सुराज की पहली सूची जारी होते ही बिहार के सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। एक तरफ एनडीए और महागठबंधन अपने पुराने चेहरों पर भरोसा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशांत किशोर ने डॉक्टर, इंजीनियर और समाजसेवी उम्मीदवारों की फौज उतारकर नई राजनीति की शुरुआत कर दी है।

अब देखना होगा कि जनता इस “साफ राजनीति” को कितना अपनाती है और क्या प्रशांत किशोर का समाज सुधार समीकरण बिहार की सियासत में क्रांति ला पाता है या नहीं।

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