बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी घटना में से एक बलौदा बाजार हिंसा एवं अग्निकांड में अब फैसला आना शुरू हो गया है। सबसे पहले बाल न्यायालय ने तीन नाबालिकों को सजा सुनाई। बता दें कि बलौदाबाजार जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट परिसर में आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव जमानत पर हैं।
बता दें कि बलौदा बाजार में 10 जून 2024 को कलेक्ट्रेट एवं एसपी कार्यालय परिसर में हुई भीषण आगजनी एवं हिंसा मामले में अब न्यायिक कार्रवाई का पहला बड़ा फैसला सामने आया है।बाल न्यायालय ने इस मामले में तीन नाबालिगों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
अदालत में सुनवाई के दौरान तीनों नाबालिगों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार करते हुए घटना में शामिल होने की बात मानी। इसके बाद माननीय न्यायाधीश ने उन्हें दोषी ठहराया।बता दें कि ये तीनों किशोर पूर्व में भी न्यायिक संप्रेक्षण में रह चुके हैं। अदालत ने स्वीकारोक्ति और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें माफीनामा एवं चेतावनी के साथ रिहा करने का आदेश दिया।
बलौदा बाजार हिंसा प्रकरण जिले का सबसे चर्चित कांड बन चुका है। उस दिन भीड़ ने सरकारी परिसर में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया था। प्रशासन और पुलिस को हालात काबू करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी थी। घटना के बाद से ही बड़ी संख्या में आरोपितों की गिरफ्तारी की गई।
अभी तक इस मामले में कुल 194 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सभी के खिलाफ न्यायालय में ट्रायल चल रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में जिला सत्र न्यायालय में भी कई आरोपितों को सजा मिल सकती है।
भिलाई विधायक देवेंद्र जमानत पर
इस कांड भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को भी आरोपी बनाया गया है। देवेंद्र फिलहाल जमानत पर हैं। आदलत द्वारा तीन नाबालिकों को सजा सुनाए जाने के बाद इस घटना की चर्चा एक बार फिर शुरू हो गई है।
